नई दिल्ली:भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले पर पाकिस्तान के नेता बिलावल भुट्टो जरदारी की धमकी भरी टिप्पणी पर AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने बिलावल को याद दिलाया कि आतंकवाद ने ही उनकी मां बेनज़ीर भुट्टो और उनके नाना जुल्फिकार अली भुट्टो की जान ली थी।
बिलावल भुट्टो, जो 2023 तक पाकिस्तान के विदेश मंत्री रहे और अब भी सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा हैं। उन्होंने भारत के फैसले के विरोध में कहा था,
“सिंधु नदी हमारी है और हमारी ही रहेगी — या तो पानी बहेगा या फिर उनका खून।”
यह बयान शुक्रवार को एक रैली के दौरान दिया गया था और भारत में तमाम दलों के नेताओं ने इसकी कड़ी आलोचना की।
ओवैसी ने बिलावल भुट्टो को फटकार लगाते हुए कहा:
“ऐसी बचकानी बातें करना बंद करें। तुम्हें नहीं पता कि तुम्हारे नाना के साथ क्या हुआ ? तुम्हारी मां को किसने मारा ? आतंकवाद ने तुम्हारी मां को मार दिया और आज तुम आतंकवाद का समर्थन कर रहे हो ? जब तुम्हारी मां को गोली मारी गई थी, तो वह आतंकवाद था। फिर हमारे देश में जब माताओं और बेटियों को मारा जाता है, तो वह क्या है ?”
ओवैसी ने यह भी जोड़ा कि पाकिस्तान के कुछ नेताओं द्वारा भारत को परमाणु हमले की धमकियाँ देना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा,
“अगर किसी देश पर हमला कर निर्दोषों को मारा जाता है, तो कोई भी देश चुप नहीं बैठेगा। पाकिस्तान के आतंकी हमलों ने इंसानियत को शर्मसार किया है। आप खुद खवारिज और ISIS के समर्थक बन चुके हैं।”
बेनज़ीर भुट्टो की हत्या:
27 दिसंबर 2007 को पाकिस्तान के रावलपिंडी में एक सार्वजनिक रैली के दौरान बेनज़ीर भुट्टो की हत्या कर दी गई थी। आत्मघाती हमले के पीछे अल-कायदा और तालिबान से जुड़े आतंकी संगठनों का हाथ बताया गया था, लेकिन अब तक यह मामला पूरी तरह सुलझा नहीं है।
भारतीय नेताओं की प्रतिक्रिया:
बिलावल के बयान पर भारत में भी तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं।