बिहार की राजधानी पटना के वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड पर एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें Prashant Kishor ने अपनी पार्टी जनसुराज पार्टी के नाम की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग से उन्हें इस पार्टी की आयोजित कार्यक्रम में अपनी पार्टी के नाम का ऐलान किया.
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने औपचारिक तौर पर जनसुराज पार्टी के रूप में स्वीकार कर लिया। प्रशांत किशोर ने अपनी ओर से 2-3 वर्षों से चलाए जा रहे जन सुराज अभियान का भी उल्लेख किया।
बिहार में चल रही शराबबंदी को जनसुराज पार्टी के अध्यक्ष Prashant Kishor ने एक मुद्दे के रूप में इस्तेमाल किया। कार्यक्रम में उन्होंने शराबबंदी खत्म करने की घोषणा की और कहा कि शराबबंदी से बिहार को हर साल 20 हजार करोड़ रुपये राजस्व का नुकसान हो रहा है। बिहार की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए अलगे 10 सालों में 5 लाख करोड़ रुपये की जरूरत है। शराब से सरकार को जो राजस्व आएगा उसे किसी और मद के बजाय शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर खर्च किया जाएगा।
Prashant Kishor पिछले 2-3 साल से बिहार के कस्बों और गांवों में कार्यक्रम कर अपना जनाधार बनाने की कोशिश कर रहे थे। उनकी कोशिश 2 अक्टूबर को कामयाब होती दिखी और वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड पर वे जनता की अच्छी भीड़ जुटाने में कामयाब रहे। बिहार के रोहतास जिले से निकल कर संयुक्त राष्ट्र तक काम कर चुके प्रशांत किशोर को बिहार का कमजोर और मजबूत पक्ष दोनों मालूम है इसलिए उन्होंने पार्टी शुरू करने के पहले अपना जनाधार बनाया और 2 अक्टूबर को जब जब पार्टी के गठन की घोषणा की तो जनता की अच्छी भीड़ जुटाने में कामयाब रहे।
उन्होंने इमोशनल कार्ड खेलते हुए ‘जय बिहार’ के नारे लगवाए और अपने संबोधन में कहा कि ये आवाज दिल्ली, कोलकाता, मुंबई उन सभी जगहों तक जानी चाहिए जहां बिहार के छात्र और युवाओं को पीटा जाता है और उन्हें बिहारी कहकर गाली दी जाती है। उल्लेखनीय है कि अगले ही साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और पीके के नाम से चर्चित चुनावी रणनीतिकार अब अपनी नई पार्टी के बैनर के साथ खुद चुनाव मैदान में उतरेंगे।
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