मीडिया में आई जानकारी के मुताबिक, सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा की सांसद हैं और उन्होंने कथित तौर पर उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार कर लिया है। रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व और सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच इस विषय पर लगातार बैठकें हुई हैं और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिहाज से यह कदम अहम माना जा रहा है।
उधर, अजित पवार के निधन के बाद राज्य सरकार ने तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस अवधि में सरकारी भवनों पर झंडे आधे झुके रहेंगे और निर्धारित कार्यक्रमों में बदलाव किया गया है। दुर्घटना की जांच से जुड़े पहलुओं पर भी संबंधित एजेंसियां काम कर रही हैं—ऐसा विभिन्न समाचार माध्यमों ने बताया है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेती हैं तो यह न केवल सरकार में रिक्त नेतृत्व की भरपाई करेगा, बल्कि सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर स्थिरता का संकेत भी देगा। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी उल्लेख है कि मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और विभागों के पुनर्वितरण पर विचार किया जा रहा है।
हालांकि, पार्टी और सरकार की ओर से अब तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए 31 जनवरी को शपथ ग्रहण और राज्यसभा सदस्यता से जुड़े कदमों को लेकर अंतिम स्थिति आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल, महाराष्ट्र की राजनीति में इस घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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