दिल्ली में स्वाइन फ्लू का कहर : 24 घंटे में 114 नए मरीज, तेजी से बढ़े H1N1 के मामले

राजधानी दिल्ली में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। 20 अगस्त को एक ही दिन में 114 नए H1N1 मरीज सामने आने के बाद दिल्ली में इस साल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,777 हो गई है। इसी दिन सभी प्रकार के इन्फ्लुएंजा के 159 नए मामले दर्ज किए गए। राजधानी में इस साल अब तक इन्फ्लुएंजा के कुल 2,602 मामले सामने आ चुके हैं।

Written By : Ramnath Rajesh | Updated on: August 22, 2026 10:21 pm

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में दर्ज 2,602 इन्फ्लुएंजा मामलों में 2,392 इन्फ्लुएंजा-A और 210 इन्फ्लुएंजा-B के हैं। इन्फ्लुएंजा-A के मामलों में 1,777 H1N1, 37 H1, 138 H3 और 440 अन्य प्रकार के संक्रमण शामिल हैं।

पिछले साल के मुकाबले छह गुना से ज्यादा मामले

दिल्ली में H1N1 संक्रमण की रफ्तार का अंदाजा पिछले साल के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। 12 अगस्त तक राजधानी में 1,449 H1N1 मामले दर्ज हुए थे, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या केवल 229 थी। यानी उस समय तक ही संक्रमण के मामले छह गुने से ज्यादा हो चुके थे। इसके बाद महज आठ दिनों में आंकड़ा बढ़कर 1,777 पहुंच गया।

बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने 21 अगस्त को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह और केंद्र तथा दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। बैठक में इन्फ्लुएंजा की निगरानी, ILI यानी Influenza Like Illness और SARI यानी Severe Acute Respiratory Infection के मामलों, टेस्टिंग, लैबोरेटरी सर्विलांस और अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा की गई।

दिल्ली सरकार के मुताबिक, अस्पतालों में बेड, डॉक्टर, दवाइयों और जरूरी चिकित्सा उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था है और मरीजों की संख्या पर लगातार नजर रखी जा रही है।

मंत्रालय ने बताए H1N1 के प्रमुख लक्षण

मामलों में वृद्धि के बीच स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने लोगों को H1N1 के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी है। मंत्रालय के अनुसार निम्न लक्षण इन्फ्लुएंजा संक्रमण के संकेत हो सकते हैं:

-बुखार
-खांसी
-गले में खराश
-सिरदर्द
-नाक बहना
-शरीर में दर्द
-थकान और सुस्ती
-भूख कम लगना
-मितली और उल्टी
-जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द
– दस्त

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, सांस लेने में परेशानी और ऑक्सीजन का स्तर गिरना गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

बचाव के लिए क्या करें ?

स्वास्थ्य मंत्रालय और दिल्ली सरकार ने संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को कुछ बुनियादी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। इनमें खांसते या छींकते समय नाक और मुंह ढकना, हाथों को नियमित रूप से धोना और बीमार होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखना शामिल है।

मंत्रालय ने लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लेने की भी सलाह दी है। फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना ज्यादा सुरक्षित है।

स्वास्थ्य मंत्रालय का ट्वीट  :- 

बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को ज्यादा खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली के बाहर भी बढ़ रहे मामले

H1N1 का बढ़ता संक्रमण केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। कर्नाटक में 22 अगस्त तक 4,000 से ज्यादा H1N1 मामले सामने आने की रिपोर्ट है, जबकि बेंगलुरु में ही इनकी संख्या 2,000 से अधिक बताई जा रही है। राज्य में स्थिति की समीक्षा के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक भी प्रस्तावित है।

केरल में भी 21 अगस्त की रिपोर्टों में इस साल 7,421 इन्फ्लुएंजा मामलों और 88 मौतों की जानकारी सामने आई है। हालांकि यह आंकड़ा सभी प्रकार के इन्फ्लुएंजा से संबंधित है और इसे दिल्ली के 1,777 H1N1 मामलों से सीधे जोड़कर तुलना करना सही नहीं होगा। अलग-अलग राज्यों के आंकड़ों की तारीख और रिपोर्टिंग पद्धति भी अलग है।

दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे महानगरों से सामने आ रही रिपोर्टों ने संकेत दिया है कि इस समय देश के कई हिस्सों में मौसमी श्वसन संक्रमण का दबाव बढ़ा है। अस्पतालों में फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ कुछ स्थानों पर गंभीर निमोनिया, ऑक्सीजन स्तर गिरने और ICU की जरूरत वाले मरीज भी सामने आए हैं।

सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव

फिलहाल उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में H1N1 संक्रमण की रफ्तार तेज है और राजधानी में इस साल 1,777 मामले दर्ज हो चुके हैं। केंद्र की उच्चस्तरीय समीक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी के बावजूद दिल्ली सरकार का कहना है कि अस्पतालों में स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं।

ऐसे में बुखार, खांसी या शरीर में दर्द जैसे लक्षणों को सामान्य वायरल मानकर नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। खासकर सांस लेने में परेशानी या ऑक्सीजन स्तर गिरने की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता लेना बेहद महत्वपूर्ण है।

ये भी पढ़ें :-Diabetes के मरीज दें विशेष ध्यान, इस मौसम में बढ़ सकती है आपकी समस्या

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *