जापान ( Japan) ने कहा है कि इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ( international court of justice) का हमला तत्काल रोकने का आदेश पर इजरायल को अमल करना चाहिए। जापान के विदेश मंत्री ( Foreign Minister) ने इजरायल के विदेश मंत्री से फोन पर यह बात कही।
हमास ने कहा, दुनिया हमले रुकवाये
हमास ने विश्व समुदाय और राष्ट्रसंघ सुरक्षा परिषद से राफा में तत्काल हमले रोकवाने का आग्रह किया है। साथ ही उसके कासिम ब्रिगेड और अल कुद्स ब्रिगेड ने कहा है कि उसके लड़ाके इजरायली सैनिकों पर लगातार हमले कर रहे हैं। हमास ने कहा कि इजरायली हमले से शरणार्थी शिविरों में रहने वाले बच्चे और औरतें मारी जा रही हैं। लोग इधर से उधर पलायन कर रहे हैं। इजरायली हमलों से सिविल डिफेंस के काम प्रभावित हो रहे हैं और पीड़ितों तक मदद नहीं पहुंच रही है।
अब तक कितने हताहत
अब तक की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल हमास संघर्ष में अब तक 36 हजार से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं और 81 हजार से अधिक घायल हुए हैं। इजरायली पक्ष के 1139 लोग मारे गए हैं और लगभग नौ हजार घायल हुए हैं। वेस्ट बैंक में भी 519 फलस्तीनी मारे गए हैं। फलस्तीन के जो लोग मारे गए हैं उनमें 15 हजार से अधिक बच्चे हैं। 10 हजार लोग लापता बताये जाते हैं।
इजरायल ने स्पेन के राजदूत से काम रोकने को कहा
आयरलैंड, स्पेन और नार्वे के फलस्तीन के मान्यता देने की घोषणा के बाद इजरायल ने अपने यहां इन देशों के राजदूतों को बुलाया और सात अक्टूबर को इजरायल पर हमास के हमले के वीडियो दिखाये और यह सिद्ध करने की कोशिश की उसकी प्रतिक्रिया उचित है। इसके बाद जारी एक वक्तव्य में इजरायली विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसने वाणिज्य दूत को फलस्तीनी प्राधिकरण में किसी भी तरह की गतिविधि करने से रोक दिया है।
अर्थव्यवस्था खतरे में
इजरायल के प्रख्यात अर्थशास्त्रियों ने प्रधानमंत्री नेत्यनाहू( Netynahu) को पत्र लिख कर कहा है कि अल्ट्रा आर्थोडाक्स लोगों के प्रति उनकी नरम नीतियों से देश की अर्थ व्यवस्था चौपट हो सकती है और इससे अन्य लोगों पर भार पड़ेगा। यदि ऐसा होता रहा तो वे देश छोड़ कर जा सकते हैं। पत्र लिखने वाले में इजरायली वित्त मंत्रालय के पूर्व महानिदेशक भी हैं। उनका कहना है कि इससे देश की अर्थ व्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है। अल्ट्रा आर्थोडाक्स लोगों पर इजरायल की सरकार विशेष छूट देती है। उन्हें सेना की अनिवार्य सेवा से भी छूट है और उनके स्कूलों आदि को अतिरिक्त वित्तीय मदद दी जाती है।