CCTV सिस्टम में 2MP कलर और ऑडियो सपोर्ट वाले कैमरे अनिवार्य
निर्देशों के अनुसार प्रत्येक अंचल कार्यालय में 2 मेगापिक्सल IP गार्ड कैमरे (बुलेट और डोम) लगाए जाएंगे, जिनमें कलर विजन और ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा होगी। इससे न केवल गतिविधियों की स्पष्ट वीडियो रिकॉर्डिंग होगी, बल्कि ध्वनि भी सुरक्षित रहेगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होगी।
16 चैनल NVR और 144 Mbps बैंडविड्थ
प्रत्येक कार्यालय में 16 चैनल NVR (नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर) स्थापित किया जाएगा, जिसकी बैंडविड्थ क्षमता 144 Mbps होगी। इससे एक साथ कई कैमरों की हाई-क्वालिटी रिकॉर्डिंग संभव होगी। इसके साथ 6TB सर्विलांस हार्ड डिस्क अनिवार्य की गई है, जिससे कम से कम 30 दिनों का फुटेज सुरक्षित रखा जा सके।
हाई-स्पीड नेटवर्क और रिमोट एक्सेस
CCTV सिस्टम को बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (BSWAN) या उपलब्ध हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से पटना स्थित सेंट्रल कमांड सेंटर से सभी अंचल कार्यालयों की निगरानी की जा सकेगी। सभी जिलाधिकारी (DM), अपर समाहर्ता (ADM) एवं एसडीओ/डीसीएलआर मोबाइल ऐप के जरिए किसी भी समय लाइव फीड देख सकेंगे। अंचल अधिकारी को भी अपने मोबाइल पर सभी कैमरों की निगरानी सुनिश्चित करनी होगी।
आधुनिक उपकरणों की पूरी सूची
निर्देशों में 16 पोर्ट POE स्विच (100/1000 Mbps), CAT 6A SFTP फुल कॉपर वायर, 32 इंच LED स्क्रीन, 4K HDMI केबल, 4U रैक, जंक्शन बॉक्स सहित सभी आवश्यक तकनीकी उपकरणों का उल्लेख किया गया है। सभी उपकरणों पर न्यूनतम दो वर्ष की वारंटी और सर्विस लेना अनिवार्य किया गया है।
मुख्य कवरेज क्षेत्र तय
अंचल अधिकारी कक्ष, प्रशासनिक कक्ष और मुख्य द्वार को अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कवरेज में रखा जाएगा, ताकि कार्यालय में आने-जाने वाले व्यक्तियों और राजस्व कार्यों की पूरी रिकॉर्डिंग उपलब्ध रहे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवंटित राशि का उपयोग केवल CCTV क्रय एवं अधिष्ठापन के लिए ही होगा और इसी वित्तीय वर्ष में व्यय सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
बताते चलें कि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभाग का कार्यभार संभालते ही प्रत्येक अंचल कार्यालय में सीसीटीवी कैमरा लगाने की घोषणा की थी। इस घोषणा को प्रधान सचिव सीके अनिल ने अमली जामा पहनाते हुए सभी 537 अंचलों के लिए सभी जिलों को 6.71 करोड़ रुपये उपलब्ध करा दिए थे। निर्देश के अनुसार प्रति अंचल सीसीटीवी अधिष्ठापन पर 1.25 लाख रुपये खर्च करना है। अब कैमरों की क़्वालिटी को लेकर स्पष्ट दिशा निर्देश जारी होने से इसमें होने वाली गड़बड़ियों को रोका जा सकेगा।
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