पश्चिमोत्तर दिल्ली के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी
बात करें पश्चिमोत्तर दिल्ली की तो यह क्षेत्र के मामले में सबसे बड़ा है। वर्ष 2008 में यह निर्वाचन क्षेत्र बना। अभी यह क्षेत्र अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है। इस सीट पर अब तक तीन बार चुनाव हुए हैं , जिसमें दो बार भारतीय जनता पार्टी और एक बार कांग्रेस को जीत मिली है ।
इस लोकसभा में आती हैं ये विधानसभा सीटें
नरेला
बादली
रिठाला
बवाना
मुंडका
किराड़ी
सुल्तानपुर माजरा
नांगलोई जाट
मंगोलपुरी
रोहिणी
उत्तर पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के निवासियों की साक्षरता दर 84 फीसदी से ज्यादा है। यहां 12,12,516 पुरुष और 9,81,633 महिला वोटर्स हैं। 194 वोटर्स अन्य अथवा थर्ड जेंडर हैं।इस बार यानी वर्ष 2024 के चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन होने के बाद इस सीट पर मुकाबला काफ़ी दिलचस्प हो गया है। यहां कांग्रेस और बीजेपी में कांटे की टक्कर होती नजर आ रही है।
वैसे बता दें कि उत्तर पश्चिमी दिल्ली में 10 विधानसभा सीटों में से 9 पर आम आदमी पार्टी का कब्ज़ा है। केवल एक सीट रोहिणी पर ही भारतीय जनता पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी ।
उत्तर पश्चिमी दिल्ली में करीब 21 फीसद दलित, 16 फीसद जाट, 12 प्रतिशत ब्राह्मण, 10 फीसद बनिया, 20 प्रतिशत ओबीसी और 10 फीसद मुस्लिम वोटर्स हैं।
उत्तर पश्चिमी दिल्ली का इतिहास
2019 लोकसभा चुनाव
पिछले लोकसभा चुनाव में इस सीट पर कुल 2378995 मतदाता थे । इस चुनाव में दूसरी बार फिर भाजपा ने जीत का परचम लहराया। भाजपा प्रत्याशी हंसराज हंस ने आम आदमी पार्टी की गुगन सिंह 553897 वोटों के भारी अंतर से हराया उन्हें कुल 848663 वोट प्राप्त हुए जो कि कुल वोटो का 60.49 % है। निकटतम प्रतिद्वंदी रही गुगन सिंह को कुल 294766 वोट मिले थे जो कुल वोटों का 21.01% था।
2014 लोकसभा चुनाव
2014 में हुए चुनावों में बीजेपी ने यहां से उदित राज को टिकट दिया था। मोदी की लहर में उन्होंने भी 106802 वोटो से जीत दर्ज़ करा ली। 2014 में यहां कुल 2194343 मतदाता दर्ज़ थे। चुनाव में बीजेपी पार्टी के प्रत्याशी उदित राज ने कुल 629860 वोटो से जीत हासिल की थी, जो कि कुल वोटों का 46.44% प्रतिशत था। दूसरे स्थान पर रही आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार राखी बिड़ला को कुल 523058 मत मिले थे , जो कि कुल वोटों का 38.56 % था।
वही उदित राज जो सांसद बनने के बाद बीजेपी का गुणगान करते थकते नहीं थे अब 2024 में पलटी मार कर कांग्रेस के नेता ही नहीं इस क्षेत्र से प्रत्याशी बन बैठे हैं।
2009 लोकसभा चुनाव
2009 में यहां पहली बार चुनाव हुआ था , जिसमें कांग्रेस की उम्मीदवार कृष्णा तीरथ ने बीजेपी की मीरा कांवरिया को 184433 (एक लाख चौरासी हजार चार सौ तैंतीस) वोटों से हराया था। कृष्णा तीरथ ने चुनावों में कुल 487404 (चार लाख सतासी हजार चार सौ चार) वोट हासिल किए थे। ये कुल मतदान का 56.84 % था । दूसरी तरफ मीरा कांवरिया को कुल 302971 तीन लाख, दो हजार नौ सौ एकहत्तर मत मिले जो कुल वोटों का 35.33 % था।
2024 के चुनाव के लिए प्रमुख उम्मीदवारों में भाजपा के योगेंद्र चंदोलिया और कांग्रेस के उदित राज शामिल है , आइए जानते हैं कौन है यह दोनों प्रत्याशी…
कौन हैं योगेन्द्र चन्दोलिया ?
योगेन्द्र चन्दोलिया भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं , जो दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में अपने योगदान के लिए जाने जाते हैं , जिन्होंने एमसीडी में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। योगेन्द्र चन्दोलिया मूलत: दिल्ली के ही रहने वाले इन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की । वह अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहते हैं। चन्दोलिया ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी से की। वे कई बार निगम पार्षद चुने गए और एमसीडी के विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
कौन हैं उदित राज?
बात करें डॉक्टर उदित राज की तो वह एक प्रमुख भारतीय राजनीतिज्ञ हैं , जो बीजेपी और कांग्रेस दोनों से ही जुड़े रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री प्राप्त की है और बाद में दिल्ली यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की। उन्होंने भारतीय राजस्व सेवा (IRS)में कार्य करते हुए कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी। इन्होंने दलित अंतरराष्ट्रीय मंच ( Indian Justice Party) की स्थापना की। 2003 में इन्होंने IRS से इस्तीफा देकर पूर्णकालिक राजनीति में प्रवेश किया। जैसा कि हमने बताया 2014 में इन्होंने पश्चिमोत्तर दिल्ली पर जीत हासिल की लेकिन आश्चर्य तो तब हुआ जब पिछले चुनाव में बीजेपी से टिकट न मिलने पर वह तुरंत दल बदलकर कांग्रेस की ओर जा खड़े हुए और साथ ही भारतीय जनता पार्टी पर अजीब टिप्पणियां करने लगे। वैसे तो उदित जी अक्सर ही अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं। उन्होंने देश की पहली महिला दलित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर एक विवादित ट्वीट भी किया था। इसी के साथ वह राम मंदिर और पुलवामा अटैक जैसे बड़े मुद्दों पर भी विवादित बयान दे चुके हैं । आपको यह भी बता दें कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उदित राज की उम्मीदवारी का विरोध भी हो चुका है । और ग़ौर करने वाली बात यह है कि विरोध प्रदर्शन कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा ही किया गया है। हालांकि, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के ऑफिस में चल रही थी प्रेस कांफ्रेंस और इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर ज़ाहिर किया कि वे इस फैसले से नाखुश हैं।