प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के सैन्य सरकार जूंटा के प्रमुख को फोन कर अपनी संवेदना व्यक्त की। इसके बाद भारत ने शनिवार को राहत व बचाव के लिए ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ शुरू किया। इसके तहत सबसे पहले भारतीय वायुसेना के विमाम से करीब 15 टन राहत सामग्री भेजी गई। इसके बाद गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरपोर्ट से NDRF की 80 सदस्यीय टीम दो विमानों से रवाना हुई। इस दल में खोजी कुत्ते भी शामिल हैं।
इसके अलावा समुद्री मार्ग से जहाज भी रवाना किया गया है। यहां उल्लेखनीय है कि म्यांमार में भूकंप के बाद बहुत सारी इमारतें धराशायी हो गई हैं और मलबे के नीचे लोग दबे हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग अब भा लापता हैं। इस वजह से आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या अभी जो 1644 लोगों की आई है वह और भी बढ़ सकती है।
उल्लेखनीय है कि भूकंप से म्यांमार के अलावा थाइलैंड की राजधानी बैंकाक में भी भारी तबाही हुई है और आशंका ये भी जताई जा रही है इस इस भूकंप की वजह से मौत का आंकड़ा 10000 तक पहुंच सकता है। म्यामार ने अभी 139 लोगों को लापता बताया है जबकि 3400 से ज्यादा लोग घायल हैं जिनका इलाज जारी है। म्यांमार में पिछले 24 घंटे में 15 बार भूकंप के झटके आए हैं। इस वजह से जो मकान तेज भूकंप के झटके झेलकर भी बच गए उनमें भी दरारें पड़ गई हैं और उनके गिरने का खतरा बढ़ गया है।
म्यांमार की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की गुहार लगाई है। इस बीच रूस ने भी अपने दो विमानों से राहत सामग्री के साथ बचाव कार्य के लिए अपनी टीम भेजी है। उधर मलेशिया ने भी रविवार तक अपने यहां से 50 बचाव कर्मियों को भेजने की घोषणा की है। चीन ने भी कंबल और खाद्य सामग्री भेजी है। इसके अलावा उसका बचाव दल भी ड्रोन कैमरे के साथ पहुंचा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मदद का भरोसा दिया है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने राहत कार्य शुरू करने के लिए 50 लाख डॉलर दिए हैं।
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