India Vs South Africa मैच की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका ने शानदार बल्लेबाज़ी के साथ की — पहले इनिंग्स में उन्होंने 489 रनों का एक मजबूत स्कोर खड़ा किया। इसके बाद गेंदबाज़ी में भी उन्होंने पूरी सधी हुई शुरुआत दी, जिससे भारत की पहली पारी 201 रनों पर सिमट गई। भारत के बल्लेबाज बाउंसर गेंदें झेल ही नहीं पाए। वे बल्लेबाज़ी कर पाने में नाकाम रहे। दूसरी पारी में भी दक्षिण अफ्रीका ने मात्र पांच विकेट खोकर 260 रन बना लिए और पारी समाप्ति की घोषणा कर दी।
दूसरी पारी में भारत को 549 रन बनाने का लक्ष्य दे दिया। भारतीय टीम उम्मीदों पर खरा नहीं उतरी। भारत की बल्लेबाज़ी धैर्य व स्थिरता दिखाने में विफल रही। दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों ने पूरी भारतीय टीम को मात्र 140 रन के स्कोर पर समेट कर सीरीज को क्लीन स्वीप कर दिया। दक्षिण अफ्रीका की टीम ने भारत पर 408 रनों की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। दक्षिण अफ्रीका की टीम 25 साल बाद भारत में कोई टेस्ट सीरीज जीती है। कोलकाता में हुए पहले टेस्ट मैच में भी भारतीय टीम बुरी तरह हार गई थी। पिछले साल न्यूजीलैंड की टीम भी तीन टेस्ट मैचों की सीरीज 3-0 भारत में आकर हरा कर गई थी। यही है कि मुख्य कोच गौतम गंभीर पर सवाल उठने लगे हैं। पिछले नौ टेस्ट मैचों में भारत को 7 में हार का सामना करना पड़ा है।
विश्लेषकों और मीडिया में इस हार को सिर्फ एक मैच की हार नहीं, बल्कि भारत के टेस्ट क्रिकेट में मौजूद बुनियादी कमजोरियों का उजागर होना माना जा रहा है। चयन, रणनीति, मानसिक तैयारी, और घरेलू पिचों का सही उपयोग — इन सभी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई लोग कह रहे हैं कि यह केवल “हार” नहीं; बल्कि “घरेलू टेस्ट क्रिकेट में भारत की गिरती साख का ग्राफ है।
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