उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा 10 मंत्री
मोदी कैबिनेट में इस बार उत्तर प्रदेश से 10 मंत्री बने हैं. उत्तर प्रदेश में बीजेपी को सबसे बड़ा झटका लगा है. यहां पार्टी 2014 और 2019 की सफलता को दोहराने में विफल रही. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने के लिए मोदी मंत्रिमंडल में 10 नेताओं को शामिल किया गया है.
उत्तर प्रदेश के बाद बिहार पर फोकस
चुनाव से पहले ऐसा लग रहा था कि बिहार में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ. पार्टी बिहार में पहली बार 17 सीटों पर लड़ी लेकिन उसे जीत सिर्फ 12 पर मिली, वहीं पार्टी के वोट शेयर में भी 3 फीसदी की गिरावट हुई. बिहार में फिर से पार्टी को मजबूत करने के लिए मोदी सरकार ने बीजेपी कोटे से चार मंत्री बनाए हैं.
महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में महायुति में शामिल दलों का सबसे खराब प्रदर्शन रहा. महाराष्ट्र में बीजेपी 28 सीटों पर लड़ी लेकिन उसे जीत सिर्फ 9 सीटों पर मिली. महाराष्ट्र में इसी साल विधानसभा के चुनाव हैं, इसलिए मोदी ने अपने कैबिनेट में बीजेपी कोटे से 9 में से 4 सांसदों यानी करीब 50 फीसदी लोगों को मंत्री बनाकर संदेश देने की कोशिश की है कि बीजेपी के लिए महाराष्ट्र की अहमियत बहुत ज्यादा है.
हरियाणा में फिर से लहराएगा भगवा ?
हरियाणा में लोकसभा चुनाव में पार्टी पिछली बार की तरह प्रदर्शन करने में पूरी तरह विफल रही. पिछली बार लोकसभा के साथ ही विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया था और वहां पहली बार अपने दम पर सरकार बनाई थी, लेकिन 2024 के चुनाव में बीजेपी सिर्फ 5 सीट जीत पायी. हरियाणा में भी इसी साल चुनाव हैं इसलिए बीजेपी ने पांच में से तीन सांसदों को केंद्र में मंत्री बनाया है.
राजस्थान के किले को मजबूत करने की कोशिश
2019 लोकसभा चुनाव में राजस्थान की सभी 25 सीटों पर चुनाव जीतकर बीजेपी ने इतिहास रच दिया था, लेकिन 2024 के चुनाव में बीजेपी को 11 सीटों का नुकसान झेलना पड़ा. पार्टी सिर्फ 14 सीट पर चुनाव जीत पायी. राजस्थान में पार्टी के दरकते किले को मजबूत करने के लिए मोदी सरकार ने दो कैबिनेट, एक राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार औऱ एक राज्य मंत्री बनाया है।
झारखंड में जर्जर हो रही पार्टी को संजीवनी की जरूरत
लोकसभा चुनाव में झारखंड में बीजेपी का प्रदर्शन खराब रहा है. 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 14 में से 12 सीटों पर जीत दर्ज की थी. 2024 के चुनाव में पार्टी सिर्फ 7 सीटों पर जीत हासिल कर पायी. झारखंड में जर्जर हो रही पार्टी को संजीवनी की जरूरत थी, लेकिन मोदी 3.0 कैबिनेट में सिर्फ दो मंत्री, एक कैबिनेट और एक राज्य मंत्री बनाया गया है. यहां लोकसभा चुनाव की तरह पार्टी को विधानसभा चुनाव में भी झटका लग सकता है. मोदी कैबिनेट में पहली बार झारखंड से कोई आदिवासी मंत्री नहीं है. झारखंड की सभी आदिवासी सीटों पर इस बार बीजेपी की हार हुई है.
पश्चिम बंगाल से मोदी का मोहभंग !
मोदी कैबिनेट में पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व देखकर ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बंगाल से मोहभंग हो गया. 2019 के मुकाबले पार्टी यहां अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी. 18 सीट के मुकाबले सिर्फ 12 सीटों पर ही बीजेपी की जीत हुई. इसलिए मोदी कैबिनेट में बंगाल को सिर्फ दो बर्थ मिला और वो भी राज्य मंत्री के रूप में , जबकि पिछली कैबिनेट में बंगाल से चार मंत्री बनाए गए थे.
कर्नाटक की किलेबंदी
दक्षिण में बीजेपी का प्रवेश द्वार कर्नाटक का किला भी इस बार दरकता नजर आया. पिछली बार के मुकाबले बीजेपी को 8 सीटों का नुकसान हुआ और पार्टी 17 सीट पर चुनाव जीत पायी. कर्नाटक के दरकते किले को फिर से मजबूत करने के लिए मोदी सरकार ने यहां से बीजेपी के 4 लोगों को मंत्री बनाया है.
तेलंगाना को कम तरजीह !
उत्तर भारत से मिले झटकों को कम करने में बीजेपी के लिए दक्षिण भारत अहम साबित हुआ, लेकिन मोदी कैबिनेट में तेलंगाना से दो मंत्री बनाए गए हैं. तेलंगाना में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया है यहां पार्टी के 4 सांसद से बढ़कर 8 हो गए हैं, लेकिन मंत्री सिर्फ दो लोगों को बनाया गया.
आंध्र की आस नहीं हुई पूरी !
आंध्र प्रदेश में NDA ने शानदार प्रदर्शन किया है. बीजेपी ने यहां पर तीन सीटों पर जीत दर्ज की है. उसके सहयोगियों ने 14 सीट पर जीत हासिल की है. उम्मीद थी की मोदी सरकार आंध्र से ज्यादा मंत्री बनाकर अपने साथ ही सहयोगी दलों को मजबूत करती, लेकिन मोदी कैबिनेट में ऐसा नहीं दिखा. आंध्र प्रदेश से सिर्फ तीन लोगों को मंत्री बनाया गया.
तमिलनाडु पर मेहरबान मोदी
इसबार के लोकसभा चुनाव में भी तमिलनाडु में बीजेपी का खाता नहीं खुला लेकिन तमिलनाडु के रहने वाले मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य एल मुरुगन को फिर से केंद्र में मंत्री बनाया गया.
केरल में खिलता कमल
तमिलना़डु के बाद दक्षिण भारत में बीजेपी के लिए चुनौती भरा राज्य केरल है. बीजेपी ने इस बार केरल से खाता खोलकर सभी को चौंका दिया. केरल में मिली जीत का तोहफा भी प्रधानमंत्री ने केरल को दिया. लोकसभा चुनाव जीतने वाले गोपी सुरेश को जहां मंत्री बनाया है, वहीं केरल के संगठन मंत्री जार्ज कुरियन को भी मोदी सरकार ने मंत्री बनाया.
ओडिशा को बड़ा तोहफा
ओडिशा में लोकसभा के साथ विधानसभा में बीजेपी की बंपर जीत हुई है. पार्टी उड़िया राज्य में पहली बार अपने दम पर सरकार बनाने जा रही है. ओडिशा में मिली प्रचंड जीत पर मोदी ने राज्य को रिटर्न गिफ्ट दिया है. ओडिशा से एक साथ तीन-तीन लोगों को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है.
मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, पूर्वोत्तर को लेकर बीजेपी निश्चिंत !
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की 40 लोकसभा सीटों में बीजेपी की 39 सीटों पर जीत हुई है. वहीं पूर्वोत्तर में बीजेपी का प्रदर्शन बेहतर रहा है तो इन राज्यों को मंत्रियों की संख्या को लेकर मोदी सरकार को ज्यादा माथापच्ची नहीं करनी पड़ी.