मोदी–शी मुलाकात : सहयोग पर जोर, ‘प्रतिद्वंद्वी नहीं साझेदार’ का संदेश पहुंचा अमेरिका तक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात ने भारत–चीन रिश्तों में नई संभावनाओं की चर्चा तेज कर दी है। दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और चीन “सहयोगी हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं”, और द्विपक्षीय संबंधों को आपसी सम्मान, विश्वास और संवेदनशीलता पर आधारित करने का संकल्प जताया। दोनों नेताओं की मुलाकात शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के मौके पर हुई। अमेरिकी टैरिफ अटैक के बाद हुई इस वार्ता को अंतरराष्ट्रीय मीडिया और चीन की सरकारी मीडिया ने अहम बताते हुए व्यापक कवरेज दी है।

Written By : रामनाथ राजेश | Updated on: August 31, 2025 10:47 pm

मोदी–शी मुलाकात में दोनों देशों की ओर से व्यापार और निवेश विस्तार पर जोर दिया गया। मोदी ने कहा कि भारत संबंधों को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है और बातचीत को नए स्तर तक ले जाना चाहता है। वहीं, शी जिनपिंग ने कहा कि सीमा विवाद पूरे रिश्ते को परिभाषित नहीं करना चाहिए, बल्कि दोनों देशों को आर्थिक विकास पर ध्यान देना चाहिए।

‘ड्रैगन और एलिफेंट साथ-साथ’

चीनी स्टेट मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने इस मुलाकात को “ड्रैगन और एलिफेंट के साथ-साथ चलने” की प्रतीकात्मक तस्वीर के रूप में पेश किया। शिन्हुआ ने शी जिनपिंग के हवाले से लिखा कि भारत और चीन को दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना होगा और सहयोग से ही स्थायी प्रगति संभव है। एजेंसी रिपोर्टों के अनुसार, मोदी ने सीमा पर शांति और स्थिरता की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आपसी विश्वास तभी मजबूत होगा जब सीमाओं पर सौहार्द्र कायम रहे। शी जिनपिंग ने भी माना कि दोनों देशों को सीमा मुद्दों को अलग रखते हुए अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहिए।

विश्लेषण: शाही स्वागत का संदेश

भारतीय मीडिया और विश्लेषकों ने इसे चीन की रणनीति से जोड़कर देखा। मोदी को “शाही स्वागत” देकर बीजिंग यह संकेत देना चाहता है कि वह भारत को न केवल पड़ोसी, बल्कि संभावित सहयोगी भागीदार के रूप में देख रहा है। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि इस गर्मजोशी के बावजूद दोनों देशों को सतर्क रहना होगा।मुलाकात ने यह संकेत जरूर दिया है कि भारत और चीन रिश्तों को सुधारने की दिशा में प्रयासरत हैं। “साझेदारी बनाम प्रतिद्वंद्विता” की बहस के बीच यह बातचीत आने वाले समय में दोनों देशों की कूटनीतिक और आर्थिक राह तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

ये भी पढ़ें :-जापान के सफल दौरे के बाद पीएम मोदी चीन पहुंचे, शंघाई शिखर सम्मेलन में हुआ रेड कार्पेट स्वागत

2 thoughts on “मोदी–शी मुलाकात : सहयोग पर जोर, ‘प्रतिद्वंद्वी नहीं साझेदार’ का संदेश पहुंचा अमेरिका तक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *