छत्तीसगढ़ में एक करोड़ का इनामी सहित 210 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, बड़ी संख्या में हथियार सौंपे

छत्तीसगढ़ के बस्तर में शुक्रवार को नक्सल मोर्चे से एक ऐतिहासिक दृश्य सामने आया। यहां 210 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए और हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 99 पुरुष और 111 महिलाएं शामिल थीं। सभी ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अपने हथियार सौंपे और हाथ में भारतीय संविधान की प्रति और गुलाब का फूल लेकर लोकतांत्रिक जीवन की राह पर लौटने का संदेश दिया।

बस्तर में 210 नक्सलियों ने हाथ में भारत का संविधान लेकर समाज की मुख्य धारा में लौटने का संकल्प लिया
Written By : रामनाथ राजेश | Updated on: October 17, 2025 11:45 pm

इस सामूहिक आत्मसमर्पण में नक्सलियों ने कुल 153 हथियार सौंपे। इनमें 19 AK-47 राइफलें, 17 SLR, 23 INSAS राइफलें, 1 INSAS LMG, 36 .303 बंदूकें, 4 कारबाइन, 11 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (BGL), 41 बारह बोर या एकल शॉट बंदूकें और 1 पिस्टल शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन हथियारों में से कई का इस्तेमाल नक्सली हमलों में किया गया था।

आत्मसमर्पण करने वालों में कई कुख्यात और लंबे समय से सक्रिय नक्सली भी शामिल थे। इनमें सबसे बड़ा नाम टी. वासुदेव राव उर्फ सतिश उर्फ रूपेश का रहा, जिसके सिर पर एक करोड़ रुपये का इनाम था। रूपेश भाकपा (माओवादी) संगठन की सेंट्रल कमेटी का सदस्य (CCM) था और नक्सली रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाता था। उस पर सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश, ग्रामीण इलाकों में हिंसा फैलाने और संगठन के नेटवर्क को सक्रिय रखने के गंभीर आरोप हैं।

मुख्यमंत्री विश्वनाथ देव साई की मौजूदगी में हुए इस आत्मसमर्पण को राज्य सरकार ने “ऐतिहासिक दिन” बताया। उन्होंने कहा कि यह नक्सल विरोधी अभियान और पुनर्वास नीति की बड़ी सफलता है। मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पण करने वालों को आश्वस्त किया कि उन्हें सरकार की पुनर्वास योजना के तहत सुरक्षित जीवन, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर दिए जाएंगे।

कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में कई महिलाएं भी हैं, जिन्होंने कहा कि वे अब अपने बच्चों को पढ़ाना और सामान्य जीवन जीना चाहती हैं। इस अवसर पर मंच पर उपस्थित सभी नक्सली जब संविधान की प्रति और गुलाब का फूल लेकर आगे बढ़े, तो यह दृश्य नक्सल हिंसा के लंबे दौर के बाद शांति की एक नई शुरुआत का प्रतीक बन गया।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह आत्मसमर्पण न सिर्फ हथियार छोड़ने का, बल्कि विचारधारा बदलने का संकेत है। पिछले तीन दिनों में प्रदेश में कुल 405 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। केंद्र सरकार ने अबुजमाड़ और उत्तर बस्तर को “नक्सल मुक्त क्षेत्र” घोषित किया है।

बस्तर में यह सामूहिक आत्मसमर्पण नक्सल आंदोलन के कमजोर पड़ने का संकेत है। हथियारों की भारी संख्या और शीर्ष नेतृत्व के आत्मसमर्पण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हिंसा की राह छोड़कर लोकतंत्र और विकास की ओर लौटने की प्रक्रिया अब तेज़ हो रही है।

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2 thoughts on “छत्तीसगढ़ में एक करोड़ का इनामी सहित 210 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, बड़ी संख्या में हथियार सौंपे

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