NEET UG 2024 : CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच पेपर लीक और गलत सोर्स के कारण 5 मई को आयोजित NEET-UG 2024 परीक्षा को रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं पर विचार कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गयी है कि 5 मई को हुई परीक्षा में धांधली हुई है। कई जगहों पर पेपर लीक भी हुए हैं, जिससे परीक्षा की शुचिता पर सवाल खड़ा होता है। इन सब चीजों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को फिर से एग्जाम करवाने का निर्देश दिया जाना चाहिए । इसको लेकर कल केंद्र सरकार ने एक हलफनामा दायर किया। इसके मुताबिक केंद्र सरकार ने NEET-UG 2024 परीक्षा में किसी भी बड़े पैमाने पर कदाचार से इनकार किया। उन्होंने कहा है कि शिक्षा मंत्रालय ने IIT Madras से NEET UG 2024 रिजल्ट का डाटा एनाटिक्स करने का अनुरोध किया है। नीट यूजी एग्जाम में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी या असामान्य स्कोर से उम्मीदवारों के खास ग्रुप को अनुचित लाभ मिलने का कोई सबूत नहीं है।
NEET UG 2024 को लेकर हो रहे हैं प्रर्दशन
नीट एग्जाम में पेपर लीक को लेकर काफी ज्यादा विवाद चल रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों और अभिभावकों ने नीट पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन किया है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ नीट एग्जाम में गड़बड़ी और दोबारा से एग्जाम करवाने की मांग वाली याचिकाओं पर अगले गुरुवार यानी 18 जुलाई को सुनवाई करेगी।
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
NTA ने अपनी ओर से एक हलफनामा दायर कर कहा है कि 4 मई को टेलीग्राम पर लीक हुए नीट यूजी परीक्षा के पेपर की तस्वीर दिखाने वाला वीडियो फर्जी था। इसमें कहा गया है कि शुरुआती लीक की गलत धारणा बनाने के लिए टाइमस्टैंप में हेरफेर किया गया था। पिछली सुनवाई 8 जुलाई को हुई थी। उस दौरान सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने पेपर लीक के संबंध में अलग-अलग कारणों पर NTA से जवाब मांगा था। कोर्ट ने कहा कि परीक्षा की पवित्रता प्रभावित हुई है। इस धोखाधड़ी में फायदा लेने वालो को ईमानदार उम्मीदवारों से अलग करना असंभव है, तो इसके लिए दोबारा परीक्षा कराना जरूरी हो सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि करीब 24 लाख छात्रों पर असर को देखते हुए दोबारा परीक्षा आखिरी विकल्प हो सकता है।
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