दाखिल-खारिज व भूमि विवाद से जुड़े मामलों में हो रहे अनावश्यक विलम्ब को समाप्त करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। प्रधान सचिव सी. के. अनिल ने सभी अंचल अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से निर्देश जारी करते हुए बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 की धारा-6 (12) में प्रयुक्त शब्द ‘सक्षम न्यायालय’ एवं ‘लंबित’ की स्पष्ट व्याख्या कर दी है।
पत्र में कहा गया है कि विभागीय समीक्षा में यह पाया गया है कि इन शब्दों की अलग-अलग अंचलों में भिन्न व्याख्या किए जाने के कारण दाखिल-खारिज वादों, सीमांकन, भू-मापी तथा अन्य राजस्व मामलों के निष्पादन में अनावश्यक विलम्ब हो रहा था। इससे वास्तविक क्रेता भी असमंजस की स्थिति में रहते थे।
क्या है “सक्षम न्यायालय”
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि दिवानी न्यायालय, पटना उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय को सक्षम न्यायालय माना जाएगा। इसके अतिरिक्त भूमि सुधार उप समाहर्ता, अपर समाहर्ता, समाहर्ता, आयुक्त न्यायालय, विधि द्वारा अधिकृत राजस्व न्यायालय तथा बिहार भूमि न्यायाधिकरण (BLT) भी सक्षम न्यायालय की श्रेणी में आएंगे।
कब माना जाएगा मामला ‘लंबित’
‘लंबित’ का अभिप्राय तभी माना जाएगा जब वाद विधिवत स्वीकार होकर नोटिस निर्गत हो चुका हो, न्यायालय द्वारा स्टे आर्डर, अस्थाई/स्थाई इंजक्शन या स्टेटस बरकरार रखने का आदेश प्रभावी हो। सिर्फ आवेदन, आपत्ति या अभ्यावेदन का किसी न्यायालय में होना “सक्षम न्यायालय में लंबित” नहीं माना जाएगा।
राजस्व कार्यवाही कब रुकेगी, कब नहीं
यदि सक्षम न्यायालय द्वारा स्पष्ट स्थगनादेश या अंतरिम आदेश प्रभावी है, तभी राजस्व कार्यवाही प्रभावित होगी। जहां ऐसा कोई आदेश नहीं है, वहां राजस्व अधिकारी नियमानुसार अपनी कार्यवाही जारी रखेंगे। केवल वाद की प्रति प्रस्तुत कर देने से मामला लंबित नहीं माना जाएगा, जब तक कि उसमें स्पष्ट रूप से एडमिशन अंकित न हो।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश
प्रधान सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इन दिशा-निर्देशों के आलोक में दाखिल-खारिज वादों एवं अन्य राजस्व मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखें और विधिसम्मत, समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें। विभाग का मानना है कि इस स्पष्टता के बाद न केवल राजस्व मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी, बल्कि आम नागरिकों, विशेषकर वास्तविक खरीदारों को भी राहत मिलेगी।
ये भी पढ़ें :-बिहार बजट : सरकार ने दिया किसानों को तोहफा, हर साल 3 हजार अलग से देगी