तन टाटा के निधन के बाद Noel Tata को मिली बड़ी जिम्मेदारी
नोएल टाटा, रतन टाटा के सौतेले भाई, को टाटा ट्रस्ट्स का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। मुंबई में आज हुई बोर्ड बैठक में यह फैसला लिया गया। रतन टाटा, जिनका बुधवार को 86 साल की उम्र में निधन हो गया था, ने भारतीय उद्योग जगत को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया था और उनके जाने से एक युग का अंत हो गया।
नोएल टाटा: टाटा समूह की विकास यात्रा का अहम हिस्सा
नोएल टाटा ने 2000 के दशक की शुरुआत में टाटा समूह में शामिल होकर इसकी वृद्धि में अहम भूमिका निभाई। वह टाटा स्टील और टाइटन जैसी प्रमुख कंपनियों के वाइस चेयरमैन हैं। इसके अलावा, उनकी मां सिमोन टाटा, जो रतन टाटा की सौतेली मां हैं, भी टाटा समूह से जुड़ी हुई हैं और ट्रेंट, वोल्टास, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन और टाटा इंटरनेशनल की चेयरमैन हैं।
टाटा इंटरनेशनल में उल्लेखनीय नेतृत्व
नोएल टाटा ने टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के रूप में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की। उनके नेतृत्व में कंपनी का कारोबार 500 मिलियन डॉलर से बढ़कर 3 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। इसके अलावा, टाटा के रिटेल आर्म ट्रेंट लिमिटेड में भी उन्होंने 1998 में एक स्टोर से शुरुआत कर 700 से अधिक स्टोर्स की श्रृंखला खड़ी की।
टाटा ट्रस्ट्स: समूह के विशाल साम्राज्य की धुरी
टाटा ट्रस्ट्स, जो टाटा समूह के 14 ट्रस्ट्स का संचालन करता है, भारतीय कॉर्पोरेट जगत में एक प्रमुख संस्थान है। टाटा संस की 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी दो ट्रस्ट्स – सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट के पास है। टाटा ट्रस्ट्स की कार्यकारी समिति में वेंणु श्रीनिवासन, विजय सिंह और मेहली मिस्त्री शामिल हैं।
रतन टाटा की विरासत: नोएल का अगला कदम
नोएल टाटा अब इस विरासत को संभालने के लिए तैयार हैं, और उनके सामने समूह को आगे बढ़ाने की चुनौती है। रतन टाटा के छोटे भाई जिमी टाटा, जो व्यापार में सक्रिय नहीं हैं, दक्षिण मुंबई के कोलाबा में एक साधारण जीवन जीते हैं, जबकि नोएल टाटा परिवार की इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभाते हुए टाटा समूह के विकास की नई दिशा तय करेंगे।
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