2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजे
Delhi North Wes क्षेत्र के मामले में सबसे बड़ा है। उत्तर पश्चिमी दिल्ली (Delhi North West) लोकसभा क्षेत्र में 12,12,516 पुरुष और 9,81,633 महिला वोटर्स हैं। इस क्षेत्र में करीब 21 फीसद दलित, 16 फीसद जाट, 12 प्रतिशत ब्राह्मण, 10 फीसद बनिया, 20 प्रतिशत ओबीसी और 10 फीसद मुस्लिम वोटर्स हैं। योगेंद्र चन्दोलिया(Yogendra Chandolia) पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए BJP की ओर से दिल्ली के सबसे बड़े विजेता साबित हुए हैं। उन्होंने Congress के उदित राज को करीब तीन लाख मतों से हराया है। योगेंद्र चन्दोलिया (Yogendra Chandolia) को 8 लाख 66 हजार 483 वोटों मिले वही कांग्रेस के उदित राज(Udit Raj) को 5 लाख 75 हजार 634 वोट ही हासिल हो सके। इस बार योगेंद्र चन्दोलिया (Yogendra Chandolia) की पार्टी भाजपा इस सीट से जीत की हैट्रिक लगाने में सफल रही।
पश्चिमोत्तर दिल्ली (Delhi North West) का इतिहास
वर्ष 2008 में यह निर्वाचन क्षेत्र बना। अभी यह क्षेत्र अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है। इस सीट पर अब तक तीन बार चुनाव हुए हैं , जिसमें दो बार भारतीय जनता पार्टी(BJP) और एक बार कांग्रेस को जीत मिली है ।2014 में हुए चुनावों में बीजेपी(BJP) ने यहां से उदित राज को टिकट दिया था। मोदी की लहर में उन्होंने भी 106802 वोटो से जीत दर्ज़ करा ली। 2014 में यहां कुल 2194343 मतदाता दर्ज़ थे। चुनाव में बीजेपी पार्टी के प्रत्याशी उदित राज ने कुल 629860 वोटो से जीत हासिल की थी, जो कि कुल वोटों का 46.44% प्रतिशत था। दूसरे स्थान पर रही आम आदमी पार्टी(AAP) की उम्मीदवार राखी बिड़ला को कुल 523058 मत मिले थे , जो कि कुल वोटों का 38.56 % था।
वही उदित राज (Udit Raj)जो सांसद बनने के बाद बीजेपी(BJP) का गुणगान करते थकते नहीं थे अब 2024 में पलटी मार कर Congress के नेता ही नहीं इस क्षेत्र से प्रत्याशी बन बैठे थे।
सांसद योगेंद्र चन्दोलिया के बारे में कुछ जानकारी
योगेन्द्र चन्दोलिया (Yogendra Chandolia) भारतीय जनता पार्टी(BJP) के वरिष्ठ नेता हैं , जो दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में अपने योगदान के लिए जाने जाते हैं , जिन्होंने एमसीडी में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। योगेन्द्र चन्दोलिया मूलत: दिल्ली के ही रहने वाले इन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। चंदोलिया ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी से की। वे कई बार निगम पार्षद चुने गए और एमसीडी के विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।