खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को Paris Paralympic Games में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया। उन्होंने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को 75 लाख रुपये, जबकि सिल्वर मेडलिस्ट को 50 लाख और ब्रॉन्ज विनर को 30 लाख रुपये दिया। मिक्स्ड टीम इवेंट में दमदार प्रदर्शन करने वाली तीरंदाज शीतल देवी को 22.5 लाख रुपये की एक्स्ट्रा धनराशि दी गई।
भारत ने Paris Paralympic Games-2024 में 29 मेडल जीते हैं। इस बार भारत 7 गोल्ड, 9 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज के सहारे 18वें नंबर पर रहा। टोक्यो पैरालिंपिक में देश कुल 19 पदकों के साथ 24वें स्थान पर रहा था।
मनसुख मांडविया ने क्या कहा ?
उन्होंने कहा, ‘देश पैरालंपिक और पैरा खेलों में आगे बढ़ रहा है। 2016 में 4 पदकों से, भारत ने टोक्यो में 19 पदक, पेरिस में 29 पदक जीते और 18वें स्थान पर रहा।’ मांडविया ने कहा, ‘हम अपने सभी पैरा खिलाड़ियों को सभी सुविधाएं प्रदान करेंगे ताकि हम 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक में और अधिक पदक और स्वर्ण पदक जीत सकें।’ भारत ने पेरिस पैरालंपिक में अपने ऐतिहासिक अभियान का समापन 29 पदकों के साथ किया जिसमें सात स्वर्ण, नौ रजत और 13 कांस्य पदक शामिल हैं जो प्रतियोगिता के इतिहास में देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत ने अपने शानदार प्रदर्शन के साथ पैरालंपिक खेलों के इतिहास में 50 पदकों का आंकड़ा भी पार कर लिया। पैरालंपिक पदक विजेताओं का मंगलवार को स्वदेश वापस लौटने पर सैकड़ों प्रशंसकों ने फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ जोरदार स्वागत किया।
भारत ने रचा इतिहास
बता दें कि, पैरा एथलीटों के धमाकेदार प्रदर्शन से भारत ने पैरालंपिक खेलों के इतिहास में 50 पदकों का आंकड़ा भी पार कर लिया है. पैरालंपिक में भारत का पहला पदक 1972 के खेलों में आया था, जिसमें मुरलीकांत पेटकर ने तैराकी में स्वर्ण पदक जीता था. 2024 खेलों से पहले भारत ने 12 पैरालंपिक खेलों में कुल 31 पदक जीते थे.
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