नई दिल्ली:लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सरकार के बीच तीखी बहस हुई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर को अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में इसलिए भेजा गया ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अमेरिकी निमंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
प्रधानमंत्री मोदी सदन में मौजूद थे, और उनके समर्थकों, विशेष रूप से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, ने इस दावे का कड़ा विरोध किया। रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी देश की विदेश नीति से जुड़े निराधार आरोप नहीं लगा सकते।
राहुल गांधी के बयान और सरकार की प्रतिक्रिया
📌 राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया:
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने अभिभाषण में रुचि बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन यह पिछले वर्षों के संबोधनों से अलग नहीं था। उन्होंने सरकार की रोजगार नीति, मेक इन इंडिया और उत्पादन प्रणाली पर सवाल उठाए।
🔹 रोजगार पर: “एनडीए सरकार ने युवाओं को रोजगार पर स्पष्ट जवाब दिया है।”
🔹 मैन्युफैक्चरिंग पर: “2014 में भारत की GDP में मैन्युफैक्चरिंग का योगदान 15.3% था, जो अब घटकर 12.6% रह गया है।”
🔹 चीन पर निर्भरता: “हमने उत्पादन व्यवस्था चीन के हाथों सौंप दी है। जब भी हम कोई फोन इस्तेमाल करते हैं या चीनी जूते पहनते हैं, तो हम चीन को टैक्स दे रहे होते हैं।”
🔹 AI और डेटा पर: “भारत के पास न तो उत्पादन डेटा है और न ही उपभोग डेटा, तो फिर हम AI में कैसे आगे बढ़ेंगे?”
📌 ट्रंप इनॉगरेशन पर राहुल गांधी का दावा:
इसी संदर्भ में राहुल गांधी ने डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा:
“अगर भारत के पास मजबूत उत्पादन प्रणाली होती, तो अमेरिका का राष्ट्रपति खुद हमारे प्रधानमंत्री को आमंत्रित करता। विदेश मंत्री को वहां बार-बार जाने की जरूरत नहीं पड़ती।”
📌 सरकार का पलटवार:
🔹 किरण रिजिजू ने इस दावे को ‘बेबुनियाद‘ बताते हुए कहा,
“विपक्ष के नेता इतने गंभीर विषयों पर बिना प्रमाण के बयान नहीं दे सकते। अगर उनके पास कोई सटीक जानकारी है, तो सदन में प्रस्तुत करें।”
डॉ. जयशंकर ने राहुल गांधी के दावे को बताया ‘झूठ’
राहुल गांधी के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने X (ट्विटर) पर लिखा:
“राहुल गांधी ने मेरे दिसंबर 2024 के अमेरिका दौरे को लेकर झूठा दावा किया। मैं वहां बाइडेन प्रशासन के अधिकारियों से मिलने गया था और भारतीय वाणिज्य दूतावास के प्रमुखों के साथ बैठक की थी।”
उन्होंने आगे कहा:
“प्रधानमंत्री के निमंत्रण का कोई मुद्दा नहीं उठा। यह सर्वविदित है कि हमारे प्रधानमंत्री ऐसे आयोजनों में शामिल नहीं होते। राहुल गांधी के इस तरह के झूठे दावे विदेशों में भारत की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।”
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जनवरी 2025 को 47वें अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी, जिसमें भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर प्रतिनिधि के रूप में शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने शपथ ग्रहण के कुछ दिन बाद ट्रंप से फोन पर बातचीत की और संभावना है कि वह जल्द ही अमेरिका की यात्रा करेंगे।
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