‘भगवा है अपनी पहचान’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की सभ्यतागत चेतना का सशक्त उद्घोष है। भगवा रंग—जो त्याग, तपस्या, अनुशासन और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक रहा है—इस गीत में एक पहचान के रूप में उभरता है। यह गीत मूल्यों, सेवा भाव और सामूहिक चेतना से जुड़ी उस विचारधारा को स्वर देता है, जो समाज को एकजुट होकर राष्ट्रहित में आगे बढ़ने का आह्वान करती है।
देशभक्ति और जोश से भरी अपनी आवाज़ के लिए प्रसिद्ध सुखविंदर सिंह ने इस गीत को अपनी ऊर्जावान गायकी से जीवंत कर दिया है। उनका स्वर गीत को एक गहन भावनात्मक और राष्ट्रवादी आयाम देता है। संगीतकार सनी इंदर की सशक्त धुनों और गीतकार राकेश कुमार पाल के ओजपूर्ण शब्दों से सजा यह गीत अनुशासन, एकता और राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है।
इस अवसर पर श्री मोहन भागवत जी ने कहा, “डॉ. हेडगेवार का जीवन ही आरएसएस की आत्मा है—भारत सर्वोपरि। फिल्म ‘शतक’ और इसका गीत ‘भगवा है अपनी पहचान’ उनके अडिग राष्ट्रभक्ति और आंतरिक शक्ति को दर्शाते हैं। संघ बदल नहीं रहा, बल्कि अपने मूल्यों के साथ निरंतर विकसित हो रहा है। यह फिल्म संघ की अनकही कहानियों को सामने लाती है और डॉ. हेडगेवार की उस क्षमता को दिखाती है, जिससे वे लोगों को जोड़ते थे और जीवन की चुनौतियों का समभाव से सामना करते थे। पूरी टीम को मेरी शुभकामनाएँ।”
वहीं, गायक सुखविंदर सिंह ने कहा, “मेरे गीत ‘भगवा है अपनी पहचान’ को श्री मोहन भागवत जी द्वारा लॉन्च किया जाना मेरे लिए गर्व और आशीर्वाद की बात है। उनका दृष्टिकोण हम सभी को प्रेरित करता है। निर्देशक की सोच—सरलता के साथ गहराई—मुझे बेहद पसंद आई। इतिहास को संजोकर रखना जरूरी है। यह गीत मेरे लिए सिर्फ एक पेशेवर काम नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा है। मैंने इसे पूरे दिल से गाया है और आशा करता हूँ कि यह हर भारतीय के दिल को छुएगा। यह गीत हिंदुस्तान की सच्ची आत्मा को दर्शाता है।”
फिल्म ‘शतक’ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 1925 में नागपुर में स्थापना से लेकर आज तक की 100 वर्षों की यात्रा को दर्शाती है। यह फिल्म संघ के सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय योगदान को विस्तार से प्रस्तुत करती है। यह परिकल्पना है अनिल डी. अग्रवाल की, निर्देशन आशीष मॉल का है और निर्माण वीर कपूर ने किया है। सह-निर्माता आशीष तिवारी हैं। फिल्म को ADA 360 Degree LLP द्वारा प्रस्तुत किया गया है और यह शीघ्र ही दर्शकों के सामने आने वाली है।
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