Hindenburg report 2.0 का असर सोमवार को शेयर मार्केट में अडानी समूह के शेयरों पर दिखाई दिया. अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों के शेयर लाल रंग के निशान पर खुले. सबसे ज्यादा गिरावट अडानी टोटल गैस के शेयरों में देखी गई. गिरावट के बाद शुरुआती एक घंटे में ही अडानी ग्रुप के निवेशकों के 53 हजार करोड़ रुपये डूब गए. वहीं इस गिरावट से अडानी ग्रुप की 10 कंपनियों का मार्केट 16.7 लाख करोड़ रुपये तक गिर गया.
शुरुआती झटकों के बाद उबरा शेयर बाजार
सोमवार को शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला, लेकिन कुछ ही देर में शेयर बाजार फिर ऊंचाई पर पहुंच गया. सेंसेक्स 315 अंकों की बढ़त के साथ फिर से 80 हजार का आंकड़ा पार कर गया. निफ्टी में भी 80 अंकों से ज्यादा बढ़ोतरी हो चुकी है. इस बढ़ोतरी के साथ इसने 24,450 का आंकड़ा पार कर दिया है. वहीं अडानी की कंपनियों के शेयर अभी भी लाल रंग के निशान पर हैं.
11 बजे सुधरा बाजार, अडानी ग्रुप के शेयरों के नुकसान में भी आयी कमी
सुबह 11 बजे शेयर बाजार हरे रंग के निशान पर आ गया. यानि इसमें गिरावट बंद हो गई. अडानी टोटल गैस शेयर की गिरावट अब मात्र 4 फीसदी रह गई है. सुबह इसमें 6 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई थी. वहीं अडानी एंटरप्राइजेस के शेयरों में भी गिरावट करीब 1.40 फीसद रह गई. अडानी विल्मार के शेयरों में भी गिरावट 2.50 फीसद रह गई है.
बाजार खुलते ही अडानी के शेयर हुए थे धड़ाम
Hindenburg report की रिसर्च ने अपने आरोप में सेबी प्रमुख माधबी बुच का कनेक्शन कथित अडानी घोटाले के साथ जोड़ा था. फिर से इसका असर अडानी ग्रुप की कंपनियों पर दिखाई दे रहा है. मार्केट खुलने के शुरुआत एक घंटे में अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों के शेयरों बुरी तरह से गिरे.
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