स्वतंत्रता दिवस पर PM Modi की युवाओं से सबसे बड़ी अपील
78वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेढ़ घंटे से भी ज्यादा देर तक राष्ट्र को संबोधित किया. पीएम मोदी अपने भाषण में देश के कई मुद्दों पर बोले. पीएम मोदी ने अपने भाषण में देश के युवाओं से बड़ी अपील करते हुए उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया. लाल किले से दिए अपने भाषण में पीए मोदी ने एक लाख युवाओं से राजनीति में आने की अपील की. उन्होंने कहा कि देश के एक लाख युवाओं को राजनीति में आने की जरूरत है.
युवाओं को राजनीति में आने से पहले रखी शर्त
पीएम मोदी ने देश की राजनीति में आने वाले युवाओं के सामने शर्त भी रखी है. उन्होंने कहा कि ऐसे युवा राजनीति में आगे आए, जो गैर राजनीतिक परिवार से हों यानी कि उनके घर में कोई राजनीतिक व्यक्ति न हो. पीएम मोदी राजनीति में परिवारवाद व जातिवाद को लेकर अपनी चिंता व्यक्त कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि राजनीति में नए लोगों को अवसर मिलना चाहिए. ये ऐसे लोग होने चाहिए जिनके परिवारों का पहले से कोई राजनीतिक बैकग्राउंड न हो.
युवाओं को लेकर क्या बोले PM Modi ?
लाल किले से अपने भाषण में पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि ‘मैं एक चिंता हमेशा व्यक्त करता हूं परिवारवाद, जातिवाद भारत के लोकतंत्र को बहुत नुकसान कर रहा है. देश की राजनीति को हमें परिवारवाद और जातिवाद से मुक्ति दिलानी होगी. उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक दलों को परिवारवाद से बचाने के लिए ऐसे एक लाख युवाओं को राजनीति में आगे आना होगा जिनका फेमिली बैकग्राउंड राजनीतिक न हो. ऐसे परिवारों के युवा आगे आएं जिनका राजनीति से कोई संबंध नही रहा हो.
राजनीति में कहीं से भी करें शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि ऐसे एक लाख युवा कहीं से भी राजनीति की शुरुआत करें. उन्होंने कहा कि ऐसे एक लाख लोग चाहे ग्राम पंचायत में आएं, नगरपालिका में आएं, जिला परिषदों में आएं, चाहे विधानसभाओं में आएं या लोकसभा में आएं. जिनका कोई राजनीतिक इतिहास न हो, ऐसे युवा राजनीति में आएं. पीएम मोदी ने इसे एक मिशन की तरह बताया उन्होंने कहा कि हम जल्द ही राजनीति में ऐसे एक लाख नौजवान लाना चाहते हैं जिनके परिवार से माता-पिता, भाई-बहन, चाचा ताऊ आदि कोई भी राजनीति में न रहे हों.
जो दल पसंद आए उसमें हों शामिल
पीएम नरेन्द्र मोदी ने युवाओं से अपील के साथ यह भी कहा कि इसके लिए किसी एक दल मे बंधने की जरूरत नहीं है. उन्हें जिस दल में मन लगे वहीं जाएं, लेकिन राजनीति में जरूर आएं. ऐसे युवा किसी भी दल में जाएं. उनको जो पार्टी पसंद आए, उसी में जाएं. ऐसा होने से परिवारवाद जातिवाद से मुक्ति मिलेगी. लोकतंत्र को समृद्धि मिलेगी. इससे नई सोच आएगी, नई शक्ति आएगी और लोकतंत्र मजबूत होगा.
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