लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान खत्म होने के साथ ही तीसरे चरण के चुनाव प्रचार ने रफ्तार पकड़ ली है । मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के बाद भारतीय जनता पार्टी के दूसरे बड़े स्टार प्रचारक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व सीएम दिग्विज सिंह के किले राजगढ़ (Rajgarh) पर चुनावी चढ़ाई की । अमित शाह ने लोगों से दिग्विजय सिंह को सम्मानपूर्वक चुनाव में विदाई का आह्वान करते हुए शायराना अंदाज में कहा आशिक का जनाजा है जरा धूमधाम से निकलाना ।
दिग्विजय सिंह के समय मध्यप्रदेश में था नक्सलवाद : शाह
अमित शाह ने राजगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्गी राजा पर जमकर निशाना साधा और कहा कि दिग्विजय सिंह की सरकार के समय मध्यप्रदेश में नक्सलवाद जोरों पर था । प्रदेश में सड़कों की हालत सबसे ज्यादा खराब थी । उन्होंने कहा कि जब वो गुजरात से महाकाल के दर्शन के लिए रोड से आते थे तो मध्यप्रदेश में उनकी गाड़ी हिचकोले खाने लगती थी, क्योंकि यहां की सड़कों में सिर्फ गड्ढे ही गड्ढे थे ।
शरिया कानून लागू कर देंगे कांग्रेसी : शाह
राजगढ़ की चुनावी सभा में कांग्रेस (Congress) पर हमला करते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस अगर सत्ता में आ गई तो दिग्विजय सिंह पूरे देश में शरिया कानून लागू करवा देंगे…दिग्जिवजय सिंह के मुस्लिम प्रेम की चर्चा करते हुए अमित शाह ने कहा इन लोगों ने तुष्टिकरण के कारण अयोध्या में राम मंदिर का न्योता ठुकरा दिया।
राजगढ़ से चुनाव लड़ रहे हैं दिग्विजय सिंह
कांग्रेस के पूर्व महासचिव और वर्तमान में राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे । मध्यप्रदेश की राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चा थी । दिग्विजय सिंह खुद भी चुनाव नहीं लड़ने की बात कई बार कह चुके थे । लेकिन कांग्रेस पार्टी ने उन्हें उनके गढ़ राजगढ़ से चुनावी मैदान में उतार दिया । राजगढ़ से दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह चुनाव लड़ते थे ।
2019 का लोकसभ चुनाव हार चुके हैं दिग्विजय सिंह
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को 2019 लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था । भोपाल से चुनाव लड़ रहे दिग्विजय को भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के हाथों हार मिली थी ।
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