Kuwait fire: आग में 42 भारतीयों की मौत, पहचान के लिए होगा डीएनए टेस्‍ट

कुवैत( Kuwait) के दक्षिणी हिस्‍से में मंगफ ( Mangaf) शहर में लगी आग में 49 लोगों की मौत से देश सदमे में है। इनमें से 42 भारतीय ( Indian) हैं और 14 केरल ( Keral) के रहने वाले हैं। ये सभी निर्माण कर्मी थे और 12 जून की सुबह लगी आग में दम घुटने से मारे गए। विदेश मंत्री जे जयशंकर ( F A M J Jaishankar) ने कुवैत के विदेश मंत्री से बात की। ताजा स्थिति की जानकारी लेने के बाद पीड़तों की हर मदद करने का आग्रह किया।

Kuwait की वह इमारत जिसमें आग लगी
Written By : रामधनी द्विवेदी | Updated on: June 13, 2024 5:33 pm

विदेश राज्‍य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह को शवों को लाने और अन्‍य मदद करने के लिए वहां भेजा गया है। उन्‍होंने बताया कि मृतकों की पहचान के लिए डीएनए टेस्‍ट किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर समवेदना व्‍यक्त की है और मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से दो लाख रुपये मदद की घोषणा की है।

केरल सरकार की आपात बैठक

केरल सरकार ने भी आज इस संबंध में आपात बैठक की और आवश्‍यक कार्रवाई पर विचार किया। मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्री जयशंकर से प्रभावितों की हर मदद का आग्रह किया। केरल की स्‍वास्‍‍थ्य मंत्री वीना जार्ज भी कुवैत भेजी जा रही हैं जो घायल लोगों की चिकित्‍सा और अन्‍य मदद की व्‍यवस्‍था देखेंगी। केरल सरकार ने प्रभावित परिवारों की आर्थिक मदद का भी आश्‍वासन दिया है। सबसे पहली प्राथमिकता मृतकों की पहचान और उनके शवों को भारत लाने की है। मृतकों में केरल, तमिलनाडु और उत्‍तर भारत के लोग भी हैं।  पाकिस्‍तान और बांग्‍लादेश के भी कुछ  मजदूर साथ में रहते थे।

इमारत मे दो सौ मजदूर थे

जिस इमारत मे आग लगी वह छह मंजिली है और उसमें एक निर्माण कंपनी एनबीटीसी के कर्मचारी रहते थे। अधिकतर की मौत दम घुटने से हुई क्‍योंकि जब आग लगी तो सभी सो रहे थे। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार आग इमारत के रसोईघर में सिलिंडर फटने से लगी। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बचने का मौका नहीं मिला। कुछ घायलों को दमकल विभाग की आपात सेवा ने बचाया और अस्‍पताल पहुंचाया।  एक आदमी पांचवीं मंजिल से कूदा जिससे उसकी मौत हो गई। जिस समय आग लगी इमारत में लगभग दो सौ मजदूर थे। कुछ घायलों को पास के अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है। इमारत को एनबीटीसी कंपनी ने किराये पर लिया था और उसमें अपने मजदूरों को रखा था। कुवैत में भारत के राजदूत मौके पर हैं और आवश्‍यक व्यवस्‍था देख रहे हैं।

इमारत के मालिक, सुरक्षाकर्मी और ठेकेदार गिरफ्तार

एनबीटीसी निर्माण कंपनी है। सभी प्रभावित मजदूर इसी के हैं। इमारत की नीचे के फ्लोर में आग लगी और उसका धुंआ पूरी इमारत में भर गया जिससे सोते मजदूरों का दम घुट गया। कुवैत के गृह मंत्री ने इमारत के मालिक, सुरक्षाकर्मी और कंपनी के मालिक को जांच पूरी होने तक गिरफ्तार रखने का आदेश दिया है। कुवैत नगर पालिका ने कई प्रमुख अधिक‍ारियों को निलंबित कर दिया गया है। बताया गया है कि इमारत में आग बुझाने के पर्याप्‍त उपकरण नहीं थे। मजदूरों को ठूंस कर रखा गया था।

मदद के लिए चिल्‍लाते दिखे लोग

घटना का जो वीडियो सामने आया है,उसमें मजदूर धुएं से घिरे खिड़कियों से टार्च जलाकर मदद के लिए पुकारते और खिड़की से बाहर मुंह कर सांस लेने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। कुवैत टाइम्‍स की खबर के अनुसार आग लगने का सही कारण नहीं पता चला है। इमारत में पार्टीशन और कमरों में सजावट के लिए ज्‍वलनशील पदार्थ का उपयोग किया गया था जिससे आग लगते ही वह फैल गई और पूरी इमारत गहरे काले धुएं से भर गई।

शव पहचान के लिए डीएनए टेस्‍ट

मृतकों के शव इतने जल गए हैं कि वे पहचाने नहीं जा रहे हैं। उनकी पहचान के लिए डीएनए टेस्‍ट कराये जा रहे हैं। भारतीय वायु सेना का एक विमान तैयार रखा गया है जिससे शवों को शीघ्र भारत लाया जा सके। जिन परिवारों के लोग कुवैत की इस इमारत मे थे, वे आधिकारिक पुष्टि के लिए परेशान हैं। उनके संबंधियों के फोन पर रिंग जा रही है लेकिन कोई उठा नहीं रहा है।

कुवैत मे 10 लाख से अधिक भारतीय

कुवैत खाड़ी के देशों में छठे नंबर पर तेल संपदा से संपन्‍न है। यह अमेरिका के न्‍यू जर्सी से थोड़ा छोटा है। इसकी आबादी 42 लाख के आसपास है जिनमें दस लाख से अधिक भारतीय हैं। इनमें अधिकतर मजदूर हैं तो कई अच्‍छे पदों पर भी हैं। वहां के श्रम बल में भारतीयों की हिस्‍सेदारी 30 फीसद है। कुवैत में भारतीय कार्पेंटर, मैंसन, ड्राइवर, इलेक्‍ट्रीशियन, घरेलू सहायक और डिलिवरी ब्‍वाय तक का काम करते हैं। जिस कंपनी एनबीटीसी के मजदूरों की मौत हुई है,उसमें कई लोग तो सालों से काम कर रहे हैं।

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