मध्य पूर्व में युद्ध चरम पर: ईरान में ख़ामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिन का शोक

मध्य पूर्व में तनाव निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। संयुक्त सैन्य कार्रवाई में संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए भीषण हवाई हमलों के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई के मारे जाने के दावे सामने आए हैं। इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को युद्ध की दहलीज पर ला खड़ा किया है।

Written By : रामनाथ राजेश | Updated on: March 1, 2026 11:56 pm

ईरान ने ख़ामेनेई की मौत की पुष्टि करते हुए देश में 40 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में शोक सभाएँ और विरोध प्रदर्शन हुए। सरकार ने इसे “खुली युद्ध घोषणा” करार देते हुए कड़े प्रतिशोध का संकेत दिया है।

ईरानी सैन्य सूत्रों के अनुसार जवाबी कार्रवाई में क्षेत्र में अमेरिकी और इज़राइली ठिकानों की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे गए हैं। दूसरी ओर अमेरिका और इज़राइल का कहना है कि हमला ईरान की सामरिक और सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाकर किया गया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। रूस ने हमले की निंदा की है, जबकि चीन ने तत्काल युद्धविराम और कूटनीतिक समाधान की अपील की। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई है और कई देशों ने संयम बरतने को कहा है।

तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। खाड़ी क्षेत्र के रणनीतिक समुद्री मार्ग, विशेषकर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य, में हलचल बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। अंतरराष्ट्रीय हवाई और समुद्री यातायात पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। ईरान में नेतृत्व परिवर्तन और शक्ति संतुलन का प्रश्न अब केंद्र में है। आने वाले दिन तय करेंगे कि संकट कूटनीति की राह पकड़ता है या संघर्ष और गहराता है।

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