रांची में विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस, CBI जांच पर अड़े छात्र

झारखंड में JPSC-JSSC की कथित परीक्षा गड़बड़ियों की CBI जांच और JSSC-CGL का रिजल्ट रद्द करने की मांग छोड़ने को छात्र तैयार नहीं हैं। रांची में सोमवार को विधानसभा घेराव के लिए निकले आंदोलनकारी छात्रों को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने पर वाटर कैनन और लाठीचार्ज किया गया तथा आंसू गैस के गोले छोड़े गए। छात्रों और पुलिस के बीच टकराव के बाद रांची में तनाव की स्थिति बन गई।

Written By : Ramnath Rajesh | Updated on: August 10, 2026 11:36 pm

झारखंड में JPSC-JSSC की कथित परीक्षा गड़बड़ियों की CBI जांच और JSSC-CGL का रिजल्ट रद्द करने की मांग छोड़ने को छात्र तैयार नहीं हैं। रांची में सोमवार को विधानसभा घेराव के लिए निकले आंदोलनकारी छात्रों को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने पर वाटर कैनन और लाठीचार्ज किया गया तथा आंसू गैस के गोले छोड़े गए। छात्रों और पुलिस के बीच टकराव के बाद रांची में तनाव की स्थिति बन गई।

तीन परीक्षाएं रद्द, छात्र संतुष्ट नहीं

छात्रों और सरकार के बीच बातचीत के बाद सरकार ने दावा किया था कि उनकी करीब 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं। लेकिन छात्र नेताओं ने इस दावे को खारिज कर दिया। उनका कहना है कि उन्होंने 13 परीक्षाएं रद्द करने की मांग की थी, जबकि सरकार ने केवल तीन परीक्षाएं रद्द की हैं। JSSC-CGL का रिजल्ट रद्द करने और CBI जांच के मुद्दे पर गतिरोध बना हुआ है।

विधानसभा की ओर बढ़े छात्र

सोमवार को छात्र आंदोलनकारियों ने विधानसभा की ओर मार्च किया। प्रशासन ने विधानसभा परिसर के आसपास पहले से सुरक्षा और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी। प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान स्थिति बिगड़ी और पुलिस ने बल प्रयोग किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया।

इस्तीफे और गिरफ्तारी से भी नहीं थमा आंदोलन

आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे का घटनाक्रम सामने आया। इसके अलावा परीक्षा अनियमितता मामले में CID की कार्रवाई और गिरफ्तारियां भी हुई हैं। इसके बावजूद छात्र अपनी प्रमुख मांगों पर कायम हैं और CBI जांच को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

सरकार और छात्रों के दावे आमने-सामने

सरकार का कहना है कि छात्रों की अधिकांश मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं और JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने का निर्णय सरकार के अधिकार क्षेत्र में सीधे नहीं आता, क्योंकि परीक्षा से जुड़ी न्यायिक कार्यवाही भी हुई है। दूसरी ओर छात्र नेताओं का कहना है कि कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद सरकार को स्वयं पहल कर जांच करानी चाहिए।

BJP का राहुल गांधी से सवाल

भाजपा पहले से ही JPSC-JSSC विवाद को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधती रही है। भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन में राहुल गांधी जिस तरह उनके समर्थन में पहुंचे थे, उसी तरह झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों के बीच क्यों नहीं पहुंच रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू समेत पार्टी नेताओं ने कांग्रेस पर छात्रों के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है और राहुल गांधी से झारखंड आने तथा राज्य के युवाओं के मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

हालांकि, सोमवार को राहुल गांधी ने रांची में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसक कार्रवाई का वे समर्थन नहीं करते।

सरकार पर बढ़ता दबाव

विधानसभा घेराव और पुलिस कार्रवाई के बाद JPSC-JSSC विवाद अब सिर्फ परीक्षा प्रक्रिया का मुद्दा नहीं रह गया है। छात्रों की CBI जांच की मांग, सरकार के साथ बातचीत का गतिरोध, आयोग के सदस्यों के इस्तीफे और जांच में हुई गिरफ्तारियों ने इसे राज्य की राजनीति का बड़ा मुद्दा बना दिया है। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।

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