एयरपोर्ट से आवास तक कार्रवाई, जानें कहां-कहां हिरासत में लिए गए विपक्षी नेता ?

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई कई स्थानों पर हुई। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के शीर्ष नेताओं को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान के भीतर हिरासत में लिया गया, जबकि विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं को उनके आवासों के बाहर, धरना स्थलों और प्रदर्शन की ओर जाने वाले रास्तों पर रोका गया। दिल्ली से बाहर चंडीगढ़ और मुंबई में भी प्रदर्शन के समर्थन में कार्रवाई हुई।

Written By : Ramnath Rajesh | Updated on: October 10, 2026 10:23 pm

दिल्ली एयरपोर्ट: विमान के भीतर से CJP के नेता हिरासत में

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को मुंबई से दिल्ली पहुंचने के बाद इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान के भीतर ही हिरासत में ले लिया गया। पुलिसकर्मी विमान में पहुंचे और तीनों को अपने साथ ले गए। इस कार्रवाई के कारण प्रदर्शन के प्रमुख आयोजक जंतर-मंतर नहीं पहुंच सके।

अभिजीत दीपके ने पुलिसकर्मियों से कहा कि वह गिरफ्तारी से डरते नहीं हैं और उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। हालांकि, पुलिसकर्मी ने जवाब दिया कि यह गिरफ्तारी नहीं है और उनसे सहयोग करने को कहा।

तीनों नेताओं को हिरासत में लेने के बाद उन्हें कहां रखा गया, इस बारे में शुरुआती सूचनाएं अलग-अलग थीं। इसलिए उनके हिरासत स्थल की निश्चित पुष्टि के बिना किसी एक स्थान का नाम देना उचित नहीं होगा।

साउथ एवेन्यू: ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के नेता

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को दिल्ली के साउथ एवेन्यू इलाके में हिरासत में लिया गया। वह पार्टी के नेताओं के साथ बस स्टैंड के पास धरने पर बैठी थीं। उनका आरोप था कि पुलिस उन्हें जंतर-मंतर की ओर बढ़ने नहीं दे रही थी।

ममता बनर्जी के साथ डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन, समीरुल इस्लाम, प्रतिमा मंडल और साकेत गोखले सहित पार्टी के अन्य नेता भी हिरासत में लिए गए। तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि पार्टी के नेता CJP के प्रदर्शन के प्रति समर्थन जताने पहुंचे थे।

आवास के बाहर: अरविंद केजरीवाल हिरासत में

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उनके आवास के बाहर उस समय हिरासत में लिया गया, जब वह जंतर-मंतर की ओर मार्च करने जा रहे थे।

उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह भी मौजूद थे। हिरासत के बाद केजरीवाल ने वीडियो संदेश में कहा कि युवा पीछे हटने वाले नहीं हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग जारी रहेगी।

केरल हाउस के पास: पिनराई विजयन और वामपंथी नेता

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को जंतर-मंतर रोड पर केरल हाउस के पास हिरासत में लिया गया। वह प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे।

माकपा के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास और केरल के पूर्व वित्त मंत्री के. एन. बालगोपाल भी हिरासत में लिए गए नेताओं में शामिल थे। माकपा के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी प्रदर्शन स्थल की ओर जाने से रोका गया।

गुरुग्राम: ध्रुव राठी को आवास से हिरासत में लिया गया

यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके आवास से हिरासत में लिए जाने की सूचना सामने आई। वह दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे।

CJP के कानूनी मामलों के प्रमुख रत्ना सिंह को भी प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिए जाने की खबर आई, हालांकि उनके मामले में हिरासत की सटीक जगह स्पष्ट नहीं है।

दिल्ली हाट और INA मार्केट के आसपास: योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण

सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और छात्र संगठन AISA की नेता नेहा बोरा को प्रदर्शन की ओर बढ़ने के दौरान हिरासत में लिया गया। इन नेताओं की कार्रवाई दिल्ली हाट और INA मार्केट के आसपास हुए मार्च से जुड़ी थी।

पुलिस ने जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर रोक लगाई थी। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने वैकल्पिक रास्तों से आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी रोक दिया गया।

चंडीगढ़: मनीष सिसोदिया हिरासत में

आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को चंडीगढ़ में हिरासत में लिए जाने की सूचना मिली। वह प्रदर्शन के समर्थन में जुटे नेताओं में शामिल थे।

मुंबई: तुषार गांधी हिरासत में

मुंबई में अगस्त क्रांति मैदान की ओर जा रहे सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी को हिरासत में लिया गया। उनके साथ प्रदर्शन में शामिल अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की खबर आई।

प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से पहले कार्रवाई

इन घटनाओं में एक समान बात यह रही कि कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया। किसी को विमान के भीतर, किसी को आवास के बाहर, तो किसी को धरने या मार्च के दौरान हिरासत में लिया गया।

पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति से संबंधित प्रक्रियागत और सुरक्षा कारणों का हवाला दिया था। दूसरी ओर, CJP और विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को अपनी बात रखने से रोकना था।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक टकराव के बीच हिरासत में लिए गए नेताओं के स्थान इस पूरे घटनाक्रम का महत्वपूर्ण पहलू बनकर उभरे।

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