अर्णब ने सबसे पहले आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक दी थी। 28 अक्टूबर को तट से टकराते समय इसकी रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई गई। इसके बाद यह कमजोर पड़ता हुआ आगे बढ़ा, लेकिन अपने पीछे भारी नुकसान छोड़ गया। आंध्र प्रदेश में तूफान और उससे जुड़ी घटनाओं में कम से कम पांच लोगों की मौत की खबर है। कई इलाकों में मकान क्षतिग्रस्त हुए, पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए तथा सड़कों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। करीब 79 हजार एकड़ कृषि भूमि में फसलों को नुकसान पहुंचने का अनुमान है। राज्य के 14 तटीय जिलों में तूफान का असर दर्ज किया गया।
ओडिशा में भी भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति बनी। रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। रेलवे ने 42 ट्रेनें रद्द कीं और करीब 70 अन्य ट्रेनों के परिचालन में बदलाव करना पड़ा। इनमें वंदे भारत एक्सप्रेस की सेवाएं भी शामिल हैं।
दिल्ली-एनसीआर में बदला मौसम, अक्टूबर में बढ़ी ठंड
तूफान का असर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक पहुंचा। 29 और 30 अक्टूबर की रात हुई बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान करीब 25.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम में आए बदलाव के कारण अक्टूबर में सर्दी का अहसास बढ़ गया। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में बारिश के साथ तेज हवाओं और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया। दिल्ली में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई। बिहार और झारखंड में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। बिहार में पटना और भागलपुर समेत 21 जिलों में धान की फसल को नुकसान पहुंचने की खबर है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर हादसा, पायलट समेत छह की मौत
इस बीच उत्तराखंड से एक और दुखद खबर सामने आई। चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्र में बदरीनाथ से देहरादून जा रहा ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर 30 अक्टूबर को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलीकॉप्टर ने दोपहर करीब 1 बजकर 14 मिनट पर बदरीनाथ से उड़ान भरी थी। इसमें पायलट कैप्टन हिमांशु समेत पांच यात्री सवार थे। जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर का संपर्क टूट गया और ट्रैकिंग सिस्टम ने भी उसकी लोकेशन दिखाना बंद कर दिया। बाद में चाई गांव के निकट उसका मलबा मिला। चमोली पुलिस के मुताबिक हादसे में सभी छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पायलट के अलावा पांच यात्री शामिल थे। खराब मौसम, बारिश और दुर्गम पहाड़ी इलाके के कारण बचाव अभियान में भी मुश्किलें आईं। पुलिस, सेना, एसडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमों ने संयुक्त अभियान चलाया। पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल (48) पश्चिमी दिल्ली के शालीमार बाग के निवासी थे। वहीं पांचों यात्री कर्नाटक के रहने वाले थे। इनमें प्रताप बी. निंगराजू, अरुण सालुंके, सुधीर के., एच.एस. नटराज और शंकरगौड़ा वी.बी. शामिल हैं। इनमें चार के नामों के साथ बेंगलुरु का पता सामने आया है, जबकि एच.एस. नटराज का संबंध तुमकुर जिले के कुनिगल तालुक से बताया गया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हादसे की प्रारंभिक जांच और नियामकीय आकलन के लिए डीजीसीए की टीम भेजी है। एहतियात के तौर पर संबंधित विमानन कंपनी के हेलीकॉप्टर बेड़े को भी ग्राउंडेड किया गया। हालांकि दुर्घटना की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
मौसम की मार से कई मोर्चों पर संकट
कुल मिलाकर चक्रवात अर्णब का असर केवल तटीय राज्यों तक सीमित नहीं रहा। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी तबाही, पूर्वी भारत में रेल परिचालन की मुश्किलें, बिहार में फसलों को नुकसान और दिल्ली-एनसीआर में अचानक बदले मौसम ने व्यापक असर डाला है। वहीं उत्तराखंड का हेलीकॉप्टर हादसा खराब मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में विमानन सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
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