8 से 10 नवम्बर तक चले इस तीन दिवसीय वाद-विवाद प्रतियोगिता के उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. सुनील कुमार शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संरक्षक प्राचार्य प्रो. वीरेंद्र भारद्वाज, सांस्कृतिक संयोजिका प्रो. दीपिका यादव तथा संयोजक डॉ. रंगनाथ रवि मंचासीन रहे। अपने प्रेरक संबोधन में प्रो. शर्मा ने कहा कि “आज के समय में बहस, संवाद और तर्क-वितर्क की संस्कृति केवल शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि समाज और लोकतंत्र की आधारभूत आवश्यकता है।” उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे मतभेदों को संघर्ष नहीं, बल्कि सीखने और समझने के अवसर के रूप में देखें।
इस आयोजन में देशभर से 100 से अधिक टीमों एवं लगभग 50 निर्णायकों (Adjudicators) ने भाग लिया। IIT पटना, IIT गुवाहाटी, IIT BHU सहित देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता को वास्तविक राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। शिवाजी कॉलेज की डिबेटिंग सोसाइटी ‘डिक्टम’ के वरिष्ठ सदस्यों, पूर्व छात्रों एवं एलुमनाई की उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक समृद्ध बनाया।
इस वर्ष पहली बार “नवप्रविष्ट प्रतियोगिता” (Novice Tournament) के विजेता दल हेतु नई ‘चल वैजयंती ट्रॉफी’ का अनावरण किया गया, जो इस प्रतियोगिता की समावेशी भावना और नई पीढ़ी के वाद-विवादकर्ताओं को प्रोत्साहित करने की दृष्टि का प्रतीक है।
प्राचार्य प्रो. वीरेंद्र भारद्वाज ने अपने उद्बोधन में कहा कि “शिवाजी कॉलेज सदैव संवाद, विमर्श, आलोचनात्मक सोच और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बढ़ावा देने वाले संस्थागत मूल्यों का पालन करता आया है। हिन्दी संसदीय वाद-विवाद भाषा को केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, राजनीति और संस्कृति के बीच जीवंत संवाद का माध्यम बनाता है।” संयोजक डॉ. रंगनाथ रवि ने कहा कि प्रतिभागियों की बढ़ती संख्या और गुणवत्ता इस बात का प्रमाण है कि युवाओं में नीति-विमर्श और विचार संस्कृति के प्रति गहरी रुचि विकसित हो रही है।
इस प्रतियोगिता का समापन 10 नवम्बर 2025 को हुआ। तीन दिनों में कुल 144 बहस मुकाबले सम्पन्न हुए। फाइनल मुकाबला हिन्दू कॉलेज और IIT गुवाहाटी के बीच खेला गया, जिसमें IIT गुवाहाटी ने अपनी श्रेष्ठ तर्क क्षमता के दम पर विजय प्राप्त की। नवप्रविष्ट श्रेणी (Novice Category) में केशव महाविद्यालय ने “चल वैजयंती” ट्रॉफी जीतकर अपनी उत्कृष्ट वाद-विवाद प्रतिभा का परिचय दिया।
समापन सत्र में प्राचार्य प्रो. वीरेंद्र भारद्वाज, प्रो. दीपिका यादव एवं डॉ. रंगनाथ रवि ने विजेता और उपविजेता टीमों को प्रमाण-पत्र, ट्रॉफियाँ और पुरस्कार प्रदान किए। प्राचार्य प्रो. भारद्वाज ने अपने समापन संबोधन में कहा- “तीन दिनों तक चले ये वाद-विवाद केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तर्क, भाषा की शक्ति और अकादमिक चेतना के साक्षात पाठ थे।शिवाजी कॉलेज आने वाले वर्षों में इस परंपरा को और सशक्त रूप में आगे बढ़ाएगा।”
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