संताली लोक जीवन की कथाओं की झलक पाने के लिए पढ़ें, ‘चुनिंदा संताली कहानियां’

किताब के हिसाब में इस हफ्ते है "चुनिंदा संताली कहानियां".इन कहानियों का चयन और संपादन किया है प्रसिद्ध कवयित्री वंदना टेटे. इस पुस्तक में वंदना जी ने 13 कहानियों का चयन किया गया है. इसमें से ग्यारह कहानियों का अनुवाद अलग अलग अनुवादकों ने संताली से हिंदी में किया है जबकि दो कहानियां हिंदी में ही लिखी गई हैं.इसके लेखक संताल क्षेत्र के ही निवासी हैं.

पुस्तक के आवरण पृष्ठ का अंश
Written By : प्रमोद कुमार झा | Updated on: February 12, 2026 12:06 am

संकलन चुनिंदा संताली कहानियां के प्रारंभ में ही वंदना ने सात पृष्ठ की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका लिखी है .वंदना जी इस बात को रेखांकित करती हैं कि संताल क्षेत्र में बिखरी कहानियों का चयन कर उसका अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद अधिक उपयोगी होगा और पूरे देश के पाठक भी संताल की समृद्ध लोक कथाओं और कथाओं को जान सकेंगे, पढ़ सकेंगे.

वंदना इस बात से दुःखी हैं कि सरकारों ने अन्य भाषा में लिखी कहानियों का संताली के अनुवाद पर ज्यादा ध्यान दिया है. देखिए क्या कहती हैं वंदना: “पिछले कई सालों से हमलोग सोच रहे थे कि संताली की कहानियां हिंदी में लायी जाएं. क्योंकि संताली स्टोरीटेलिंग का संसार बहुत विविधता लिए हुए है और गोंड एवं भील आदिवासी समुदायों के बाद यह भारतीय भूगोल के एक बड़े क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है……”. इस संकलन की कहानियों का अनुवाद अलग अलग लोगों ने अलग अलग समय में किया है.

इन कहानियों को देखिए : “1.नारायण सोरेन: ‘ तोड़े सूताम ‘- माया जाल 2.नथानिएल मुर्मू: ‘मारसाल दूत ‘- हिसाब 3. बालकिशोर बासके :’ अरमान ‘ – तीन पाव चावल 4. विजय टुडू : माहां का खाली जाल 5.बासुदेव बेसरा: धरती का बेटा 6. बादल हेमब्रम :देस बोलता है 7. सारदा प्रसाद किस्कू : ‘ खेरवाल बसिया ‘ – चांवरा भांवरा 8.रूपचंद हांसदा,: जीवन-धारा 9. पंकज किस्कू: रंगीला मोर 10.सुंदर मनोज हेंब्रम : मेरी पहचान 11.देव हेंब्रम : मुबाइल 12. इपिल मोनिका बास्की : उजाड़ पाठ 13. डोमन साहू ‘ समीर ‘ : मताल . संपादक वंदना जी ने इस पुस्तक को समर्पित किया है : ‘ उन अनुवादकों को समर्पित जिन्होंने भाषाओं के बहनापे को और सुंदर और समृद्ध बनाया और बना रहे हैं…’ . 128पृष्ठ के इस पुस्तक के अंत में अनुवादकों का परिचय भी संलग्न किया गया है.

भारतीय लोक कथाओं की विशाल समृद्ध परंपरा में यह पुस्तक एक ऐसी खिड़की है जिससे आप संताली लोक जीवन की कथाओं की झलक पा सकते हैं. संग्रह अति पठनीय, रोचक, आकर्षक एवं पठनीय है.पुस्तक की छपाई सुंदर कागज पर आकर्षक मुखपृष्ठ के साथ है.

पुस्तक: चुनिंदा संताली कहानियां, संकलन और संपादन : वंदना टेटे

प्रकाशक: प्यारा केरकेट्टा फाउंडेशन, रांची पृष्ठ:128, मूल्य: रु 200.

(प्रमोद कुमार झा तीन दशक से अधिक समय तक आकाशवाणी और दूरदर्शन के वरिष्ठ पदों पर कार्यरत रहे. एक चर्चित अनुवादक और हिन्दी, अंग्रेजी, मैथिली के लेखक, आलोचक और कला-संस्कृति-साहित्य पर स्तंभकार हैं।)

ये भी पढ़ें :-पठनीय है सुषमा सिन्हा का नवीनतम कविता संग्रह”समय से भारी सपने”

3 thoughts on “संताली लोक जीवन की कथाओं की झलक पाने के लिए पढ़ें, ‘चुनिंदा संताली कहानियां’

  1. **prodentim**

    ProDentim is a distinctive oral-care formula that pairs targeted probiotics with plant-based ingredients to encourage strong teeth, comfortable gums, and reliably fresh breath.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *