बिहार में भूमि वाद निपटाने के लिए डीसीएलआर कोर्ट में हर दिन होगी सुनवाई

 बिहार के उपमुख्यमंत्री और मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि 31 मार्च तक जनता के हित में विभागीय लक्ष्य को हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व कर्मचारी निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य की प्राप्ति करें, उनके सम्मान के साथ-साथ पूर्व में हुए समझौते के बिंदुओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उनकी आवश्यक मांगों यथा ग्रेड पे समेत आवश्यक सुविधाओं में बढ़ोत्तरी आवश्यक है। उसे सरकार पूरा करेगी। अभी 31 मार्च तक परिमार्जन के 40 लाख आवेदनों का निपटारा कराना सरकार की पहली प्राथमिकता में है। इससे फार्मर रजिस्ट्रेशन समेत भूमि सर्वेक्षण में मदद मिलेगी।

विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करते प्रधान सचिव सीके अनिल
Written By : डेस्क | Updated on: February 21, 2026 11:51 pm

कार्यालय कक्ष में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री  सिन्हा ने अंचलाधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए कि वे 31 मार्च तक विभागीय लक्ष्यों को प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले अंचलाधिकारियों को डीसीएलआर के पद पर पदोन्नति दी जाएगी। सरकार उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जो अच्छा काम करेंगे उनको हतोत्साहित नहीं किया जाएगा। अंचलाधिकारियों के डीसीएलआर में पदोन्नति की संचिका मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव तक भेजी जाएगी।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के सभी 101 डीसीएलआर के साथ प्रधान सचिव सीके अनिल ने आज शनिवार को बैठक की है। बैठक में डीसीएलआर न्यायालयों में प्रतिदिन सुनवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इससे लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी। इसके लिए न्यायालयों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा आवश्यक किताबों के लिए 50-50 हजार रुपये सभी डीसीएलआर न्यायालय को उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने कहा कि इससे लंबित और पुराने मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी तथा आम लोगों को त्वरित न्याय मिल सकेगा। उन्होंने अपर समाहर्ता, समाहर्ता और प्रमंडलीय आयुक्त के न्यायालयों में भी लंबित मामलों का शीघ्रातिशीघ्र निष्पादन के निर्देश की बात दोहराई।
इस दौरान श्री सिन्हा ने सुपौल सदर के पूर्व अंचलाधिकारी प्रिंस राज के फर्जी प्रमाण पत्र के मामले पर सख्त कार्रवाई की गई है।उन्होंने बताया कि फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करने के कारण उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी लेने की शिकायत वाले सभी मामलों की तेज गति से जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले प्रधान सचिव सीके अनिल ने बताया कि हड़ताली राजस्व कर्मचारियों को उपमुख्यमंत्री जी के निर्देश पर वार्ता के लिए बुलाया गया था। शुक्रवार को देर शाम तक 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की गई। सोमवार को इसका सकारात्मक परिणाम सामने आएगा। प्रधान सचिव श्री अनिल ने शनिवार को सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक सभी डीसीएलआर के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर सभी लंबित मामलों के निष्पादन, दाखिल खारिज के सही मामलों को तीन सुनवाई में पूरा करने और राजस्व महा अभियान के तहत मिले परिमार्जन के सभी 40 लाख आवेदनों की मॉनिटरिंग कर निष्पादन के निर्देश दिए। इस दौरान सचिव जय सिंह, अपर सचिव आजीव वत्सराज, उपनिदेशक मोना झा, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी जूही कुमारी भी मौजूद थीं।

इससे पहले उपमुख्यमंत्री ने दोहराया कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ये भी पढ़ें:-बिहार के सभी सीओ ऑफिस में हाईटेक CCTV सिस्टम के साथ ये भी हुआ अनिवार्य

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *