इसरो के नाकाम PSLV-C62 मिशन से अंतरिक्ष में खोए 16 उपग्रह, 800 करोड़ का नुकसान

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को वर्ष 2026 की शुरुआत में ही बड़ा झटका लगा है। सोमवार को प्रक्षेपित किया गया PSLV-C62 मिशन तकनीकी गड़बड़ी के कारण असफल हो गया, जिससे मुख्य EOS-N1 सहित 16 उपग्रह अंतरिक्ष में निर्धारित कक्षा हासिल नहीं कर सके। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस विफलता से करीब 800 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है और भारतीय सेना व रणनीतिक निगरानी एजेंसियों की अहम अपेक्षाओं पर भी असर पड़ा है।

Written By : रामनाथ राजेश | Updated on: January 12, 2026 11:14 pm

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो (ISRO) को वर्ष 2026 की शुरुआत में ही बड़ा झटका लगा है। सोमवार को प्रक्षेपित किया गया PSLV-C62 मिशन तकनीकी गड़बड़ी के कारण असफल हो गया, जिससे मुख्य EOS-N1 सहित 16 उपग्रह अंतरिक्ष में निर्धारित कक्षा हासिल नहीं कर सके। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस विफलता से करीब 800 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है और भारतीय सेना व रणनीतिक निगरानी एजेंसियों की अहम अपेक्षाओं पर भी असर पड़ा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रक्षेपण के बाद रॉकेट ने अपेक्षित उड़ान पथ से भटक गया। बाद में ISRO ने पुष्टि की कि तीसरे चरण (थर्ड स्टेज) में अनियमितता पाई गई, जिसके कारण मिशन लक्ष्य तक नहीं पहुंच सका। यह इस साल का पहला प्रमुख प्रक्षेपण था, जिससे इसकी असफलता को ISRO के लिए “ताज़ा झटका” बताया गया है। रिपोर्ट में लिखा कि तीसरे चरण में आए तकनीकी व्यवधान के चलते उपग्रहों को कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका। ISRO ने तत्काल जांच समिति गठित कर दी है, जो विफलता के सटीक कारणों का विश्लेषण करेगी।

इसे “भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी के लिए बड़ा झटका” माना जा रहा है। PSLV जैसे भरोसेमंद प्रक्षेपण यान की लगातार दूसरी विफलता ने इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्टों में ISRO प्रमुख के हवाले से कहा गया है कि एजेंसी तकनीकी कारणों की गहन समीक्षा कर रही है और सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, खोए गए उपग्रहों में कुछ रक्षा, निगरानी और पृथ्वी अवलोकन से जुड़े थे, जिनका उपयोग सीमा सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और रणनीतिक निगरानी के लिए प्रस्तावित था। इसी कारण मिशन की असफलता को भारतीय सेना और अन्य सरकारी एजेंसियों के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक नुकसान के साथ-साथ यह विफलता निजी अंतरिक्ष क्षेत्र और व्यावसायिक लॉन्च सेवाओं की संभावनाओं पर भी असर डाल सकती है। हालांकि ISRO का दावा है कि जांच पूरी होने के बाद भविष्य के मिशनों में आवश्यक तकनीकी सुधार किए जाएंगे। अब देश की निगाहें ISRO की जांच रिपोर्ट और अगले प्रक्षेपण पर टिकी हैं, जिससे संस्था अपनी खोई हुई लय और भरोसा दोबारा कायम कर सके।

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3 thoughts on “इसरो के नाकाम PSLV-C62 मिशन से अंतरिक्ष में खोए 16 उपग्रह, 800 करोड़ का नुकसान

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