NDA Government 3: बिहार की रहेगी बल्ले-बल्ले, केंद्र में बनेंगे 8 से 9 मंत्री

बिहार में केंद्रीय मंत्रियों का कोटा बढ़ाना पड़ सकता है। दरअसल, इस बार केंद्र में भाजपा कमजोर है और सहयोगी दलों को साथ लेकर चलना मजबूरी है। इसलिए सहयोगी दलों की मांगे पूरी करने के लिए उन्हे मंत्री पद देना पड़ सकता है। साथ ही शीघ्र विधानसभा चुनाव भी है। इसलिए सामाजिक समीकरण साधना भी मजबूरी है। नित्यानंद, चिराग, जीतनराम, संजय झा का मंत्री बनना तय माना जा रहा है।

केन्द्र में बनने वाले संभावित मंत्री
Written By : दिलीप कुमार ओझा | Updated on: June 6, 2024 6:29 pm

आठ से नौ मंत्री बन सकते हैं बिहार से 

पटना में इस बात की चर्चा है कि आठ से नौ मंत्री पद बिहार को मिल सकता है। इसमें तीन भाजपा, तीन जदयू और लोजपा- आर व हम को एक- एक मंत्री पद मिल सकता है।

इन नामों की हो रही चर्चा 

भारतीय जनता पार्टी के कोटे से  राजीव प्रताप रूढ़ी, नित्यानंद राय के साथ ही गिरिराज सिंह और विवेक ठाकुर के नाम की चर्चा हो रही है। हालांकि गिरिराज सिंह और विवेक ठाकुर में से किसी एक के ही मंत्री बनने की चर्चा है। अश्विनी चौबे का टिकट इस बार भाजपा काट दी है। इस वजह से ब्राह्मण नाराज है। लिहाजा दूसरी बार भाजपा से सांसद बने गोपाल जी ठाकुर को भी मौका मिल सकता है।

जदयू से तीन नाम चर्चा में 

जदयू से वैसे तो चार मंत्री बनाने की चर्चा है लेकिन तीन नाम को ही हरी झंडी मिलने की बात कही जा रही है। संजय झा, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के साथ ही जन नायक कर्पूरी ठाकुर के पुत्र रामनाथ ठाकुर का नाम सबसे ऊपर है। इसके अलावा अगर संजय झा का नाम कटता है तो देवेश चंद्र ठाकुर का भी नाम लिया जा रहा है। हालांकि इसकी उम्मीद कम है।

चिराग पासवान बनेंगे मंत्री 

चिराग पासवान का मंत्री बनना तय माना जा रहा है । उनकी पार्टी का 100% स्ट्राइक रेट रहा है। मोदी के हनुमान के रूप में वे जाने जाते हैं। उनके सभी पांच सांसद जीते हैं और दो मंत्री पद के अलावा रीना पासवान को राज्यसभा भेजने की मांग पार्टी कर रही है।

जीतनराम मांझी बनेंगे मंत्री 

जीतन राम मांझी का नाम भी मंत्री पद के लिए चर्चा में है। उनका भी मंत्री बनना तय माना जा रहा है। लिहाजा बिहार में इस बार मंत्री पद का बंटवारा बहुत आसान नहीं रह गया है । निर्धारित कोटे में विस्तार करने के बावजूद अन्य जगहों पर महत्वपूर्ण एवं दिग्गज नेताओं को एडजस्ट करना एनडीए सरकार की मजबूरी होगी। सामाजिक समीकरण को देखते हुए यादव जाति से दो मंत्री भी बनाये जा सकते हैं जबकि कुर्मी- कोयरी समाज को भी मौका मिल सकता है।

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