NEET Scam : CBI ने NEET UG पेपर लीक मामले के आरोपी को किया गिरफ़्तार!

NEET Scam : केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को मुख्य आरोपी को पटना से गिरफ्तार किया, जिसने कथित तौर पर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के ट्रंक से एनईईटी-यूजी प्रश्न पत्र चुरा लिया था। पेपर चुराने में उसकी मदद करने वाले उसके सहयोगी को भी CBI ने झारखंड के हजारीबाग से गिरफ्तार किया था। 

Written By : दीक्षा शर्मा | Updated on: July 16, 2024 10:35 pm

NEET Scam : सीबीआई अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जमशेदपुर के 2017 बैच के सिविल इंजीनियर पंकज कुमार उर्फ आदित्य को गिरफ्तार किया है, जिसने कथित तौर पर हजारीबाग में एनटीए ट्रंक से NEET UG पेपर चुरा लिया था।

पिछले गुरुवार को उन्हें विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया,  जिसने उन्हें जांच एजेंसी की 10 दिन की हिरासत में भेज दिया।

नालंदा जिले के निवासी रॉकी पर लीक हुए नीट प्रश्नपत्र (NEET Question Paper) को हासिल करने, उसे हल करने और अभ्यर्थियों को उत्तर वितरित करने का आरोप है।

उसने कथित तौर पर धोखाधड़ी रैकेट में सहायता के लिए पटना और रांची के छात्रों सहित प्रश्नपत्र सॉल्व करने वालों की व्यवस्था की। उसे पेपर सॉल्वर गिरोह के संचालन का भौतिक रूप से प्रबंधन करते हुए पाया गया था।

गिरफ्तारी से पहले सीबीआई कई दिनों से रॉकी की गतिविधियों पर नज़र रख रही थी।

NEET Scam के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया से था संबंधित 

राज्य पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की जांच के दौरान NEET Scam के कथित मास्टरमाइंड संजीव मुखिया के साथ उसके संबंध का खुलासा होने के बाद रॉकी का नाम सामने आया।

प्रश्नपत्र हल करने की भी व्यवस्था करता था रॉकी 

ईओयू के एक शीर्ष सूत्र के अनुसार, रॉकी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक को प्रबंधित करने और संचालित करने के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग कर रहा था।

सूत्र ने कहा “डिजिटल और तकनीकी सबूतों के आधार पर रॉकी को भी गिरफ्तार किया गया था। उसने रांची के एक होटल में डॉक्टरों और एमबीबीएस उम्मीदवारों के लिए प्रश्नपत्र हल करने की व्यवस्था की थी। उसने बलदेव कुमार उर्फ चिंटू को एक स्मार्टफोन दिया था, जिसने प्रश्नपत्रों को वितरित किया और हल किया।” । ”परीक्षा से एक दिन पहले 4 मई को पटना के खेमनीचक के एक स्कूल में एनईईटी उम्मीदवारों को उत्तर कुंजी दी गई थी ।”

ईओयू के एक सूत्र के अनुसार रॉकी पहला व्यक्ति था जिसे लीक हुए प्रश्न पत्र मिले थे।

उन्होंने कहा, रॉकी ने परीक्षा से एक दिन पहले चिंटू के सेलफोन पर पीडीएफ प्रारूप में हल की गई उत्तर पुस्तिका भेजी।

सूत्र ने ये भी कहा, “रॉकी और मुखिया जैसे अन्य आरोपियों ने झारखंड में संपत्ति में काफी निवेश किया है। राज्य को उनके अवैध कारोबार का अड्डा बना दिया गया है।”

रॉकी को 2017 में पटना में चार लोगों की गिरफ्तारी के बाद गिरफ्तार किया गया था। जब वह क्राइस्ट चर्च स्कूल केंद्र ले जा रही एक वैन में NEET प्रश्नपत्रों की तस्वीरें खींचने की कोशिश कर रहा था।

3 साल तक पहले भी जेल में रह चुका है रॉकी 

गिरफ्तार किये गये लोगों में मुखिया का बेटा शिव कुमार, शिवम मंडल (खगौल, पटना), लॉ छात्र अविनाश रोशन और ड्राइवर संजय यादव शामिल हैं। गिरफ्तारी तत्कालीन पटना एसएसपी मनु महाराज ने पटना के एग्जीबिशन रोड से की थी। ईओयू के एक अधिकारी ने कहा, रॉकी तीन साल तक जेल में रहा था और बाद में करीब डेढ़ साल पहले जमानत पर रिहा हुआ था।

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