मदरसे में Fake Currency छापने वाले गैंग के 4 गिरफ्तार, 100 के 13 हजार नकली नोट मिले

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके के एक मदरसे में नकली नोट छापने वाले गैंग का खुलासा हुआ। सिविल लाइंस की पुलिस ने 28 अगस्त को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मदरसे से 100-100 रुपए के 13 हजार के नकली नोट बरामद किए गए । पुलिस ने मामला दर्ज कर गैंग के शेष आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

Written By : सुनील कुमार साहू | Updated on: August 28, 2024 10:51 pm

मदरसे की आड़ में प्रयागराज में Fake Currency छापने का धंधा चल रहा था।  प्रयागराज की सिविल लाइंस पुलिस ने बुधवार को अतरसुईया मदरसे में छापा मारकर नकली नोट बनाने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया । पुलिस ने मदरसे से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें मदरसे का प्रिंसिपल मौलवी मोहम्मद तफसीरूल आरीफीन भी शामिल है। इसके अलावा पुलिस ने 234 पेज छपा हुआ बिना कटा नोट, एक लैपटॉप,एक कलर प्रिंटर व 100-100 रुपये के 13000 नकली नोट बरामद किए ।

कैसे हुआ मामले का खुलासा

डीसीपी दीपक भूकर ने बताया कि कई दिनों से हम मदरसे पर नजर गड़ाए बैठे थे। यहां कुछ संदिग्ध लग रहा था, इसलिए आज 28 अगस्त दोपहर 1:00 बजे मुखबिर की सूचना पर पूरी टीम ने अतरसुईया इलाके में स्थित मदरसे में छापा मारा और मौका ए वारदात से  तीन लोगों को नोट छापते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पूछताछ में मदरसे के प्रिंसिपल की संलिप्तता भी मंजूर की। उसके बाद पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी कैसे चलाते थे Fake Currency

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मदरसे का मौलवी तफसीरूल  नकली नोट बनाने वाले धंधे का कर्ताधर्ता है। इसके लिए उसे हिस्सा भी मिलता था, वह हमें जगह देता था। आगे की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोग ज्यादातर नौजवानों को अपना शिकार बनाते थे और उन्हें तीन नकली नोट बेचने के एवज में एक असली नोट दिया जाता था। इसी तरह यह पूरा धंधा चल रहा था।

किन-किन धाराओं में दर्ज हुआ केस

सिविल लाइंस पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 178, 179, 180, 181, 182(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

गैंग में शामिल आरोपियों के नाम

प्रयागराज के कली थाना क्षेत्र के आंधीपुर  रोड गौसनगर का रहने वाला मोहम्मद अफजल उम्र 18 वर्ष और मोहम्मद शाहिद उम्र 18 वर्ष । इसके अलावा उड़ीसा का जाहिर खान उर्फ अब्दुल जाहिर उम्र 23 वर्ष और अतरसुईया थाने का रहने वाला मोहम्मद तफसीरूल (उम्र 25 वर्ष) शामिल है।

कहां चलाते थे Fake Currency का कारोबार

आरोपी नकली नोट का कारोबार मदरसे में स्कूल की छुट्टी होने के बाद तफसीरूल  द्वारा दिये गये कमरे में चलाते थे। जाहिर खान इन सब कामों में मास्टरमाइंड था और उसने उड़ीसा के भद्रक में रहने वाले अपने भाई से इस काम के लिए प्रिंटिंग मशीन और स्कैनर भी मंगवाए थे । पिछले 3 महीने से यहां नकली नोट का कारोबार चल रहा था।

पुलिस का बयान

डीसीपी दीपक भूकर ने बताया कि इस धंधे में ओर भी लोगों का हाथ हो सकता है। इसलिए पुलिस पकड़े गए आरोपियों से ओर पूछताछ करेगी  ताकि शेष आरोपियों को पकड़ा जा सके।

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