SIR में बड़े स्तर पर मतदाता बाहर हुए तो हस्तक्षेप करेगा सुप्रीम कोर्ट, 12-13 अगस्त को सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बिहार (Bihar) में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) (Special Intensive Revision - SIR) से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई 12 और 13 अगस्त तक टाल दी है। चुनाव आयोग 1 अगस्त को बिहार की ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित करेगा जिसमें 65 लाख मतदाताओं के नाम कटे होने की आशंका जताई जा रही है। कोर्ट ने कहा है कि यदि बड़े पैमाने पर मतदाता बाहर किए गए तो कोर्ट हस्तक्षेप करेगा।

Written By : ध्रुव गुप्ता | Updated on: July 31, 2025 1:13 am

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी घमासान जारी है। विपक्षी दल लगातार आरोप लगा रहे हैं कि बिहार में SIR की पूरी प्रक्रिया पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों से उनका मताधिकार छीनने की साजिश है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) ने कहा कि चुनाव आयोग (Election Commission of India) के अनुसार, 65 लाख लोगों ने गणना फार्म जमा नहीं किया है, क्योंकि वे या तो मर चुके हैं या स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की कि 1 अगस्त को प्रकाशित होने वाले मतदाता सूची के मसौदे पर रोक लगाई जाए।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस मांग को यह कहकर खारिज कर दिया कि जारी होने वाली सूची सिर्फ एक मसौदा है और यदि इसमें विसंगतियां पाई गईं तो इसे रद्द भी किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि हम एक न्यायिक प्राधिकरण के रूप में इस मामले की समीक्षा कर रहे हैं और अगर बड़े पैमाने पर मतदाताओं का काटा गया तो हम हस्तक्षेप जरूर करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है जो अपनी कार्रवाई कानून के मुताबिक करेगा। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हम सुनिश्चित करते हैं कि हमारा इन सब चिंताओं पर ध्यान है। हम आपकी बात सुनेंगे।

चुनाव आयोग की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने दलील दी कि मसौदा विज्ञापित कर दिया गया है और राजनीतिक दलों को दे दिया गया है। मतदाता सूची को लेकर आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 1 महीने का समय भी दिया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि आप ऐसे 15 लोगों को हमारे समक्ष लेकर आओ जिन्हें सूची में मृत घोषित किया है और हम फौरन उसपर कार्रवाई करेंगे।

प्रशांत भूषण ने पूछा यह कैसे पता चलेगा कि किन लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं है। राजद (Rashtriya Janata Dal- RJD) सांसद मनोज झा (Manoj Jha) की ओर से पेश कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने कहा कि अगर चुनाव आयोग उन सभी नामों को सार्वजनिक कर देगा जो ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं तो किसी को कोई शिकायत या संदेह नहीं रहेगा।

सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों से गैर सरकारी संगठनों की तरह काम करने को कहा और याचिकाकर्ताओं को आश्वासन देते हुए कहा कि अदालत सबकी चिंताओं को ध्यान में रखेगी।

ये भी पढ़ें – देवघर में बस की ट्रक से टक्कर में 18 कांवड़ियों की मौत, कई घायल

5 thoughts on “SIR में बड़े स्तर पर मतदाता बाहर हुए तो हस्तक्षेप करेगा सुप्रीम कोर्ट, 12-13 अगस्त को सुनवाई

  1. **aqua sculpt**

    aquasculpt is a premium metabolism-support supplement thoughtfully developed to help promote efficient fat utilization and steadier daily energy.

  2. **back biome**

    Mitolyn is a carefully developed, plant-based formula created to help support metabolic efficiency and encourage healthy, lasting weight management.

  3. Backbiome is an advanced daily wellness supplement formulated to help support spinal comfort, reduce feelings of built-up tension, and promote freer, smoother movement throughout backbiome everyday life.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *