होली के रंग में रंगमय हुआ देश, हुड़दंग रोकने के लिए हुए सख्त सुरक्षा इंतजाम

 चंद्रग्रहण के प्रभाव के कारण तिथि और मुहूर्त को लेकर चली चर्चाओं के बीच 4 मार्च को पूरा देश रंगों के पर्व होली में सराबोर होगा। उत्सव को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार संवेदनशील इलाकों की विशेष निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और हुड़दंग रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

Written By : रामनाथ राजेश | Updated on: March 3, 2026 11:58 pm

राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस ने करीब 15 हजार से अधिक जवानों की तैनाती की है। प्रमुख बाजारों, रिहायशी कॉलोनियों और संवेदनशील क्षेत्रों में पिकेटिंग बढ़ाई गई है। नशे में वाहन चलाने, दोपहिया पर स्टंट और जबरन रंग लगाने की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने “ऑपरेशन आग्हात 4.0” के तहत पहले से ही अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए कई गिरफ्तारियां और अवैध शराब की जब्ती की है।

उत्तर प्रदेश में भी होली को लेकर हाई अलर्ट घोषित किया गया है। संभल सहित संवेदनशील जिलों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। मस्जिदों और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी प्रकार की साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति न बने। पुलिस अधिकारियों को लगातार गश्त और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

इसी तरह बिहार में करीब 25 हजार पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। पटना सहित विभिन्न जिलों में क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) सक्रिय रहेगी। झूमटा जुलूस के लिए लाइसेंस अनिवार्य किया गया है और अश्लील गीतों व हुड़दंग पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। होलिका दहन स्थलों पर अग्निशमन और पुलिस की संयुक्त तैनाती की गई है।

यात्रा व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। अतिरिक्त ट्रेनें चलाई गई हैं और भीड़ नियंत्रण के लिए होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं, ताकि त्योहार पर घर लौटने वाले यात्रियों को असुविधा न हो।

इस बार होली से पहले चंद्रग्रहण को लेकर धार्मिक मान्यताओं और मुहूर्त पर चर्चा रही, लेकिन प्रशासन और धर्माचार्यों ने स्पष्ट किया कि तय तिथि पर ही रंगोत्सव मनाया जाएगा। सरकारों और पुलिस प्रशासन का जोर इस बात पर है कि रंगों का यह पर्व उल्लास, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दे, न कि अव्यवस्था का कारण बने।

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