उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भ्रष्टाचार के मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए गोपालगंज जिले के बरौली के राजस्व अधिकारी विजय कुमार सिंह को सस्पेंड कर दिया है। सिन्हा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री भी हैं। उन्हें रिश्वत लेते गिरफ्तार किए जाने के मामले में यह कार्रवाई की गई है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को समाहर्ता, गोपालगंज और बिहार के पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से प्राप्त सूचना के अनुसार, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो यानी Vigilance Investigation Bureau की टीम ने राजस्व अधिकारी विजय कुमार सिंह को 6,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें निगरानी, मुजफ्फरपुर स्थित विजिलेंस के विशेष न्यायालय पेश किया गया था।
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए निलंबित करने का निर्णय लिया गया है। हिरासत से मुक्त होने के बाद उनका मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर निर्धारित किया गया है। उन्हें वहां नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। गोपालगंज के जिलाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे विजय कुमार सिंह के विरुद्ध निर्धारित प्रपत्र में आरोप पत्र तैयार कर आवश्यक साक्ष्यों के साथ विभाग को अविलंब उपलब्ध कराएं, ताकि आगे की विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
अंचलाधिकारी-राजस्व अधिकारियों की हड़ताल के बाद भी नहीं रुकेगा जनता का काम : विजय कुमार सिन्हा
राज्य में अंचलाधिकारियों, राजस्व अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के बावजूद आम लोगों के राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की है। उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि हड़ताल की स्थिति में भी विभागीय कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इसके तहत राजस्व कर्मचारियों के कार्य पंचायत सचिवों को और अंचलाधिकारियों के काम जहां के राजस्व अधिकारी भी हड़ताल पर हैं वहां प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को सौंपे गए हैं, ताकि आम नागरिकों को सेवाएं समय पर मिलती रहें।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च माह में भूमि से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य होते हैं और बड़ी संख्या में लोग दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई मापी समेत अन्य सेवाओं के लिए आवेदन करते हैं। इसे देखते हुए विभाग ने पहले से ही सभी जिलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
उन्होंने बताया कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के निष्पादन के लिए विशेष डिजिटल मॉड्यूल तैयार कर सभी जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराया गया है। इन मॉड्यूल में कार्य करने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है, ताकि संबंधित अधिकारी और कर्मी बिना किसी भ्रम के कार्य कर सकें।
श्री सिन्हा ने कहा कि यह मॉड्यूल दो रूपों में उपलब्ध कराया गया है, एक वीडियो फॉर्मेट में, जिसमें चरणबद्ध तरीके से पूरी प्रक्रिया दिखाई गई है, और दूसरा विस्तृत लिखित निर्देशों के रूप में, जिससे अधिकारी–कर्मचारी आवश्यकता पड़ने पर उसे देखकर कार्य कर सकें। इससे नए दायित्व निभा रहे पंचायत सचिवों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को कार्य निष्पादन में आसानी होगी। इस दौरान किसी भी समस्या के समाधान के लिए सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता और अपर समाहर्ता (राजस्व) को विशेष रूप से निगरानी समेत कार्य में मदद करने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की पूरी निगरानी राज्य स्तर से की जा रही है और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करें। यदि कहीं कोई समस्या आती है तो उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुख राजस्व प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है। हड़ताल जैसी परिस्थितियों में भी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आम नागरिकों के जमीन से जुड़े कार्य बिना रुकावट जारी रहें और लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
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