जेवर एयरपोर्ट उद्घाटन पर सियासत तेज: पीएम मोदी ने ‘विकसित भारत’ का खाका रखा, विपक्ष के सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (Noida International Airport) के पहले चरण का उद्घाटन करते हुए इसे “विकसित भारत की दिशा में बड़ा कदम” बताया। उद्घाटन के साथ ही यह परियोजना विकास के साथ-साथ सियासी बहस का भी केंद्र बन गई। इस अत्याधुनिक एयरपोर्ट की अभी 28 विमान पार्किंग, 9300 मीटर रनवे और हर घंटे 35-40 उड़ानों की क्षमता है।

जेवर स्थित नोएडा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन करते पीएम नरेंद्र मोदी
Written By : रामनाथ राजेश | Updated on: March 29, 2026 12:07 am

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे ( Noida International Airport) के पहले चरण का उद्घाटन करते हुए इसे “विकसित भारत की दिशा में बड़ा कदम” बताया। उद्घाटन के साथ ही यह परियोजना विकास के साथ-साथ सियासी बहस का भी केंद्र बन गई।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, “उत्तर प्रदेश आज देश की ग्रोथ इंजन बन रहा है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर ही विकसित भारत की मजबूत नींव है।” उन्होंने दावा किया कि यह एयरपोर्ट क्षेत्र में रोजगार, निवेश और कनेक्टिविटी के नए अवसर खोलेगा।

परियोजना के तकनीकी और संचालन से जुड़े आंकड़े भी इसकी क्षमता को दर्शाते हैं। पहले चरण में यहां 28 विमानों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जबकि करीब 9300 मीटर लंबा रनवे सिस्टम विकसित किया गया है। एयरपोर्ट से हर घंटे 35 से 40 फ्लाइट्स के संचालन की क्षमता बताई जा रही है, जिससे यह उत्तर भारत के बड़े एविएशन हब के रूप में उभर सकता है।

प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा, “पहले विकास की रफ्तार धीमी थी, परियोजनाएं अटकती थीं, लेकिन अब डबल इंजन सरकार के कारण काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।”

करीब 11,000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस एयरपोर्ट के पहले चरण में लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता निर्धारित की गई है। सरकार का कहना है कि भविष्य में इसका विस्तार कर इसे देश के सबसे बड़े और आधुनिक एयरपोर्ट्स में शामिल किया जाएगा।

हालांकि, उद्घाटन के साथ ही राजनीतिक विवाद भी सामने आया। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ( Akhilesh Yadav) ने इस परियोजना को लेकर श्रेय लेने की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि इसकी शुरुआत पूर्ववर्ती सरकार के समय हुई थी।

विपक्ष ने परियोजना की लागत, जमीन अधिग्रहण और स्थानीय लोगों को मिलने वाले वास्तविक लाभों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। वहीं सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि वर्षों से लंबित परियोजना को जमीन पर उतारना ही असली उपलब्धि है।

जेवर में बने इस एयरपोर्ट का उद्घाटन जहां एक ओर देश के बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रतीक बना, वहीं दूसरी ओर इसने श्रेय और प्रदर्शन की राजनीति को भी हवा दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के विजन और विपक्ष के सवालों के बीच यह परियोजना अब विकास के साथ-साथ सियासी विमर्श का केंद्र बन गई है।

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