प.बंगाल में रिकॉर्ड वोटिंग और एग्जिट पोल ने बढ़ाई सियासी धड़कनें, TMC और BJP में कांटे की टक्कर

पश्चिम बंगाल में देश की आजादी के बाद अब तक हुए चुनावों में इस बार सबसे ज्यादा मतदान हुआ है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने आंकड़ों का हवाला देकर चुनाव को ऐतिहासिक बताया है। आयोग के मुताबिक, दूसरे चरण में 91.66 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो अब तक के सर्वाधिक प्रतिशतों में शामिल है।

Written By : रामनाथ राजेश | Updated on: April 30, 2026 12:15 am

पहले चरण में 93.19 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि दोनों चरणों को मिलाकर कुल मतदान 92.47 प्रतिशत रहा है—जो स्वतंत्रता के बाद का रिकॉर्ड स्तर बताया जा रहा है। इससे पहले 2011 विधानसभा चुनाव में 84.72 प्रतिशत मतदान सर्वोच्च था। राज्य में दूसरे चरण का मतदान संपन्न होने के साथ ही एग्जिट पोल्स ने सियासी हलचल तेज कर दी है।

चरणवार आंकड़ों के अनुसार, दूसरे चरण में 8 जिलों की 142 सीटों पर मतदान हुआ, जबकि पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर वोट डाले गए। इस तरह राज्य की सभी 294 सीटों पर मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

लिंग आधारित आंकड़ों में भी दिलचस्प रुझान सामने आया है। दूसरे चरण में महिलाओं की भागीदारी (92.28%) पुरुषों (91.07%) से अधिक रही, जो राज्य में बढ़ती महिला भागीदारी का संकेत है।

रिकॉर्ड स्तर की इस वोटिंग के बीच राजनीतिक मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया है। राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। मतदान समाप्त होते ही आए एग्जिट पोल्स ने तस्वीर को और उलझा दिया है—कुछ सर्वे भाजपा को बढ़त देकर सत्ता परिवर्तन की संभावना जता रहे हैं, जबकि अन्य तृणमूल की वापसी का दावा कर रहे हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि इतनी भारी वोटिंग को दोनों ही दल अपने-अपने पक्ष में पढ़ रहे हैं—जहां एक ओर इसे बदलाव की लहर माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ‘साइलेंट सपोर्ट’ के रूप में भी देखा जा रहा है।

उधर, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में भी मतदान संपन्न हो चुका है और एग्जिट पोल्स के नतीजे सामने आ चुके हैं, लेकिन सबसे ज्यादा अनिश्चितता बंगाल को लेकर ही बनी हुई है।

राष्ट्रीय स्तर पर इन चुनावों को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राजनीति के लिए अहम संकेत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि एग्जिट पोल्स के इतिहास को देखते हुए अंतिम नतीजों से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जोखिम भरा माना जा रहा है।

फिलहाल, रिकॉर्ड मतदान और एग्जिट पोल्स के परस्पर विरोधी दावों ने बंगाल को देश की राजनीति का सबसे बड़ा सस्पेंस बना दिया है। अब सबकी नजरें मतगणना पर टिकी हैं, जहां असली तस्वीर सामने आएगी।

                             कुल सीटें – 294

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