केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की मौजूदगी में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में शुवेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। इसके बाद अधिकारी ने कहा कि राज्य में अब “भय का वातावरण समाप्त हो रहा है और भरोसे का माहौल बन रहा है।” उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार चुनाव के दौरान किए गए सभी वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा करेगी और पश्चिम बंगाल को राजनीतिक हिंसा तथा भ्रष्टाचार से मुक्त प्रशासन देगी।
भाजपा ने रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के दिन शपथ ग्रहण समारोह आयोजित कर बंगाल की सांस्कृतिक विरासत से राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। पार्टी नेताओं के अनुसार यह सिर्फ सरकार गठन नहीं बल्कि “सांस्कृतिक और राजनीतिक पुनर्जागरण” का संकेत है। ब्रिगेड ग्राउंड को भगवा और राष्ट्रीय रंगों से सजाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। समारोह में भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय नेतृत्व के शामिल होने की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार पश्चिम बंगाल में भाजपा की यह जीत राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लंबे समय तक वामपंथ और फिर तृणमूल कांग्रेस के प्रभुत्व वाले राज्य में पहली बार भाजपा सरकार बनने जा रही है। चुनाव परिणामों को विश्लेषक “बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा सत्ता परिवर्तन” बता रहा है।
शुभेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि नई सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत पर काम करेगी और जनता के विश्वास को टूटने नहीं देगी। उन्होंने कहा कि बंगाल में निवेश, रोजगार, कानून-व्यवस्था और उद्योग को प्राथमिकता दी जाएगी। भाजपा नेताओं का दावा है कि राज्य में राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति समाप्त कर विकास आधारित शासन स्थापित किया जाएगा।
दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि बंगाल की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने की कोशिश नहीं होने दी जाएगी। हालांकि भाजपा समर्थकों के बीच शपथ ग्रहण समारोह को लेकर भारी उत्साह दिखाई दे रहा है और पार्टी इसे ऐतिहासिक जन उत्सव के रूप में आयोजित करने की तैयारी में जुटी है।
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