वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट जगत का ध्यान सबसे पहले तब खींचा था, जब उन्होंने महज 12 वर्ष की उम्र में बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया। इसके साथ ही वे भारतीय घरेलू क्रिकेट में सबसे कम उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए।
इसके बाद उनका सफर लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ता गया। जूनियर क्रिकेट में उनका प्रदर्शन असाधारण रहा और इस वर्ष अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ केवल 80 गेंदों में 175 रन की विस्फोटक पारी खेलकर इतिहास रच दिया। यह अंडर-19 विश्व कप फाइनल के इतिहास का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। उनकी पारी में 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे और इसी के साथ उन्होंने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए।
वैभव की यह पारी केवल एक शतक भर नहीं थी, बल्कि युवा क्रिकेट में उनके वर्चस्व का प्रतीक बन गई। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने सबसे अधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया और कम उम्र में विश्व मंच पर अपनी छाप छोड़ी।
आईपीएल में भी उनकी बल्लेबाजी ने क्रिकेट जगत को चौंकाया है। इस सत्र में उन्होंने शतक जड़ते हुए 440 रन बनाए हैं। आक्रामक बल्लेबाजी उनकी पहचान बन चुकी है और गेंदबाजों पर शुरू से दबाव बनाने की उनकी क्षमता ने उन्हें अलग पहचान दी है। इससे पहले वे आईपीएल इतिहास में सबसे कम उम्र में पदार्पण करने वाले खिलाड़ियों में भी शामिल हो चुके हैं।
लगातार शानदार प्रदर्शन का असर अब राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव केवल एक प्रतिभाशाली बल्लेबाज नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की अगली पीढ़ी के संभावित बड़े सितारे के रूप में उभर रहे हैं। उम्र अभी भले कम हो, लेकिन रिकॉर्डों की सूची तेजी से लंबी होती जा रही है।
वैभव सूर्यवंशी की प्रमुख उपलब्धियां
• 12 वर्ष की उम्र में रणजी ट्रॉफी पदार्पण
• अंडर-19 विश्व कप फाइनल में 175 रन — सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर
• विश्व कप फाइनल में 15 छक्के और 15 चौके
• टूर्नामेंट में सर्वाधिक छक्कों का रिकॉर्ड
• 2026 के आईपीएल में 11 मैचों में एक शतक सहित 440 रन
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