NEET UG-2026 पेपर लीक घोटाले के तार महाराष्ट्र के नासिक, राजस्थान के सीकर और जयपुर, बिहार के राजगीर, हरियाणा, गुरुग्राम और केरल तक जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। देशभर में इस मामले को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। दिल्ली में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने विरोध प्रदर्शन किया, जबकि केरल में एसएफआई कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतर आए। परीक्षा का आयोजन करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA जल्द ही दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की है। छात्रों से दोबारा फॉर्म नहीं भरवाया जाएगा और न ही कोई फीस ली जाएगी। करीब 22.79 लाख छात्रों ने इस वर्ष नीट यूजी परीक्षा दी थी। अब परीक्षा रद्द होने से लाखों अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में भारी असमंजस और आक्रोश है।
नासिक से खुला नेटवर्क का बड़ा सिरा
महाराष्ट्र के नासिक निवासी और बीएएमएस छात्र शुभम खैरनार को जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी मान रही हैं। पुलिस के अनुसार शुभम को तीन मई की परीक्षा से पहले एक मई को हाथ से लिखा कथित गेस पेपर और प्रश्न सामग्री मिल गई थी। बताया जा रहा है कि यह सामग्री चुरु के एक एमबीबीएस छात्र ने भेजी थी, जो अभी केरल में पढ़ाई कर रहा है। खैरनार ने यह सामग्री हरियाणा के एक व्यक्ति को टेलीग्राम के जरिए ग्रुप बनाकर भेजी थी।
नासिक पुलिस क्राइम ब्रांच के डिप्टी पुलिस कमिश्नर किरण कुमार चौहान के मुताबिक मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए शुभम ने अपना हुलिया तक बदल लिया था। शुभम महाराष्ट्र के नंदगांव तालुका का निवासी है। जांच एजेंसियों के अनुसार कथित “सैंपल पेपर” और प्रश्न सामग्री नासिक, गुरुग्राम, केरल और सीकर से जुड़े टेलीग्राम ग्रुपों के जरिए प्रसारित की गई।
सीकर बना पेपर लीक का केंद्र
राजस्थान के सीकर से सामने आए खुलासों ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया है। राजस्थान पुलिस ने करियर काउंसिलर राकेश कुमार सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि राकेश कुमार ने ही सबसे पहले केरल के एक परीक्षार्थी से 410 सवालों का हाथ से लिखा क्वेश्चन बैंक हासिल किया था।
जांच में सामने आया कि इनमें से लगभग 150 सवाल तीन मई को हुई वास्तविक परीक्षा में हूबहू पूछे गए। शुरुआत में इस सामग्री को पांच लाख रुपये में बेचा गया, लेकिन परीक्षा की घड़ी नजदीक आते ही इसकी कीमत घटाकर 30 हजार रुपये कर दी गई।
सीकर, झुंझुनू और देहरादून से अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 45 लोगों से पूछताछ जारी है। 15 अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की तैयारी चल रही है। कुछ लोग जयपुर से गिरफ्तार मनीष यादव को इस गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
बिहार के राजगीर में नकदी, मोबाइल और एडमिट कार्ड बरामद
बिहार के राजगीर में भी तीन मई को दो कारों की जांच के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, मोबाइल फोन और कई एडमिट कार्ड बरामद किए गए थे। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को संदेह है कि यह गिरोह परीक्षार्थियों और सॉल्वर नेटवर्क के बीच संपर्क स्थापित कर रहा था।
एसओजी से सीबीआई तक पहुंची जांच
मामले की शुरुआती जांच राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) कर रही थी, लेकिन कई राज्यों में फैले नेटवर्क और बढ़ते राजनीतिक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी। अब सीबीआई विभिन्न राज्यों की पुलिस से मिले इनपुट, टेलीग्राम चैट, बैंक लेनदेन और मोबाइल डेटा की जांच कर रही है। सीबीआई की टीम ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित NTA के दफ्तर में पहुंचकर अधिकारियों से पूछताछ की। नीट यूजी की परीक्षा में हर साल पेपर लीक की शिकायतें आती रही हैं और गिरफ्तारियां भी हुई हैं लेकिन पहली बार पूरी परीक्षा रद्द की गई है।
विपक्ष ने उठाए सवाल
नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो मेहनती छात्रों का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा। देशभर में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच अब छात्रों की नजरें सीबीआई जांच और नई परीक्षा की संभावित तारीख पर टिकी हैं।
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