अमेरिका ने हाल के दिनों में ईरान के सैन्य और सामरिक ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। ताजा कार्रवाई में चाबहार के समुद्री यातायात नियंत्रण केंद्र को निशाना बनाया गया, जो बंदरगाह के संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उसकी कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की सैन्य और समुद्री क्षमताओं को कमजोर करना है, जबकि तेहरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। दोनों देशों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
चाबहार बंदरगाह भारत के लिए केवल एक व्यापारिक परियोजना नहीं, बल्कि उसकी क्षेत्रीय रणनीति का महत्वपूर्ण आधार है। भारत ने इस बंदरगाह के विकास में निवेश किया है और इसे अफगानिस्तान तथा मध्य एशिया तक बिना पाकिस्तान के रास्ते पहुंचे जाने वाले वैकल्पिक गलियारे के रूप में विकसित किया है। यही बंदरगाह इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) का भी प्रमुख केंद्र है, जिसके माध्यम से भारत, ईरान, रूस और मध्य एशियाई देशों के बीच व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है। ऐसे में चाबहार पर बढ़ते सैन्य हमले भारत की आर्थिक और रणनीतिक योजनाओं के लिए भी चुनौती बन सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चाबहार और उसके आसपास सैन्य कार्रवाई का दायरा बढ़ता है तो इससे भारत की समुद्री संपर्क परियोजनाओं, क्षेत्रीय व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा, चाबहार की भौगोलिक स्थिति होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट होने के कारण अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी इस संघर्ष का असर पड़ने की आशंका है। पश्चिम एशिया से दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चे तेल की आपूर्ति होती है और क्षेत्र में बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों को भी प्रभावित कर सकता है।
युद्ध की इस नई स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। कई देशों ने संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है, लेकिन फिलहाल दोनों पक्षों के रुख में नरमी के कोई संकेत नहीं हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यदि सैन्य कार्रवाई का दायरा और बढ़ा तो इसका प्रभाव केवल ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता, वैश्विक व्यापारिक मार्गों और ऊर्जा सुरक्षा पर भी दूरगामी असर पड़ सकता है।
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