हॉर्मुज में दो अमीराती तेल टैंकरों पर मिसाइल हमले, एक भारतीय नाविक की मौत, कई घायल

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में दो अमीराती तेल टैंकर MT Al Bahyah और MT Mombasa B पर हुए मिसाइल हमले में एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई, जबकि कई अन्य कई घायल हो गए। दोनों जहाजों पर कुल 46 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय शामिल हैं। घटना के बाद भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर प्रस्तावित 20 प्रतिशत ट्रांजिट टैक्स लगाने का फैसला वापस ले लिया है, जिससे भारत समेत कई तेल आयातक देशों को राहत मिली है।

Written By : Ramnath Rajesh | Updated on: July 14, 2026 11:54 pm

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, MT Al Bahyah पर 23 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 12 भारतीय, 6 फिलीपीन, 3 रूसी, 1 मिस्री और 1 श्रीलंकाई नागरिक शामिल थे। MT Mombasa B पर भी 23 चालक दल के सदस्य मौजूद थे। मिसाइल हमले के बाद दोनों जहाजों में आग लग गई और कई चालक दल के सदस्य घायल हो गए। बचाव अभियान के जरिए अधिकांश नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि एक भारतीय नाविक की मौत की पुष्टि हुई है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नागरिक जहाजों और नाविकों पर हमला अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का गंभीर उल्लंघन है। मंत्रालय ने ईरान के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है और क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार संपर्क बनाए हुए है।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, यह हमला ऐसे समय हुआ है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है और वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर व्यापक असर डाल सकते हैं।

ट्रंप के फैसले से भारत को राहत

हमले के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर प्रस्तावित 20 प्रतिशत ट्रांजिट टैक्स लगाने का फैसला वापस ले लिया है। यह निर्णय भारत जैसे देशों के लिए राहत भरा माना जा रहा है, क्योंकि भारत अपने कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से आयात करता है। यदि यह टैक्स लागू होता तो भारतीय तेल कंपनियों की आयात लागत बढ़ जाती, जिसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों, महंगाई और परिवहन लागत पर भी पड़ सकता था। विशेषज्ञों का कहना है कि टैक्स वापस लेने से फिलहाल अतिरिक्त आर्थिक बोझ टल गया है, लेकिन हॉर्मुज में जारी सैन्य तनाव और जहाजों पर हमलों के कारण समुद्री बीमा प्रीमियम, मालभाड़ा और सुरक्षा खर्च अब भी ऊंचे बने रह सकते हैं। ऐसे में भारत के लिए राहत अधूरी है, क्योंकि ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा अब भी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों पर भी विचार कर रही है।

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