अदालत के आदेश के बाद तेज प्रताप यादव को बेऊर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया। पुलिस ने उन पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिसकर्मियों पर हमले सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
तेज प्रताप की गिरफ्तारी के बाद यह मामला पूरी तरह राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, जो पिछले कुछ समय से बड़े भाई से राजनीतिक दूरी बनाए हुए थे, खुलकर उनके समर्थन में सामने आ गए हैं। तेजस्वी ने सरकार पर छात्र आंदोलन को कुचलने और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए गिरफ्तार छात्रों और तेज प्रताप की रिहाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो विपक्ष राज्यव्यापी आंदोलन तेज करेगा।
उधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नीतिन नवीन के विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) ने भी तेज प्रताप की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। पीके का कहना है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए कानून का दुरुपयोग कर रही है। उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में तेज प्रताप यादव नीतिन नवीन के खिलाफ चुनावी मुकाबले में पीके के समर्थन में सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे थे।
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