मामले में पुलिस की कार्रवाई दिनभर बदलती रही। सोमवार शाम तक दिल्ली पुलिस ने कहा था कि उसे इस विवाद से संबंधित पांच शिकायतें मिली हैं, लेकिन किसी भी शिकायत पर FIR दर्ज नहीं की गई है। इनमें एक शिकायत उस युवक साहिब सिंह की थी, जिसे वीडियो में प्रवेश वर्मा थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं। दो शिकायतें PWD कर्मचारियों की ओर से जरनैल सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ तथा दो शिकायतें भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से मंत्री के साथ कथित बदसलूकी को लेकर दी गई थीं। इसके कुछ घंटे बाद पुलिस ने प्रवेश वर्मा के खिलाफ NCR और जरनैल सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करने की जानकारी दी। इस तरह मामले में पहली औपचारिक पुलिस कार्रवाई सामने आई है।
कैसे शुरू हुआ विवाद
विवाद तिलक नगर-विकासपुरी इलाके में रिंग रोड स्थित गुरुद्वारे के सामने बनी सड़क की गुणवत्ता को लेकर शुरू हुआ। PWD द्वारा बनाई गई सड़क पर AAP विधायक जरनैल सिंह ने सवाल उठाए थे। मौके पर सड़क की ऊपरी परत को हाथ से उखाड़कर उसकी गुणवत्ता दिखाए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद PWD मंत्री प्रवेश वर्मा निरीक्षण के लिए पहुंचे और जरनैल सिंह को भी मौके पर बुलाया गया।
मौके पर जरनैल सिंह अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। इसी दौरान सड़क की गुणवत्ता, निर्माण कार्य और कथित भ्रष्टाचार को लेकर दोनों पक्षों में बहस हुई। इसके बाद स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब वहां मौजूद एक युवक मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था।
कैमरे में कैद हुआ थप्पड़
वायरल वीडियो में प्रवेश वर्मा युवक का मोबाइल नीचे करते और उसके चेहरे पर थप्पड़ मारते दिखाई देते हैं। इसके बाद मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी दोनों को अलग करते नजर आते हैं। युवक की पहचान साहिब सिंह के रूप में हुई है, जो जरनैल सिंह के साथ सोशल मीडिया का काम करने की बात सामने आई है।
साहिब सिंह ने आरोप लगाया कि वह सड़क की स्थिति की रिकॉर्डिंग कर रहा था। उसके मुताबिक, मंत्री ने उसका मोबाइल छीनने की कोशिश की और इसके बाद उसे थप्पड़ मारा गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री के साथ मौजूद लोगों ने उसके साथ धक्का-मुक्की की और उसे धमकी दी। इन अतिरिक्त आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।
प्रवेश वर्मा की सफाई: परिवार को गाली देने का आरोप
प्रवेश वर्मा ने घटना के बाद वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि मौके पर AAP से जुड़े लोगों ने उनके परिवार के बारे में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद उन्होंने आवेश में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जरनैल सिंह PWD अधिकारियों पर दबाव बना रहे थे और ठेकेदार से कथित कमीशन की मांग से संबंधित विवाद था। इन आरोपों पर जरनैल सिंह ने इनकार किया है।
प्रवेश वर्मा का कहना है कि सरकारी काम में बाधा डालने या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके पक्ष के मुताबिक सड़क को लेकर विवाद केवल गुणवत्ता का सवाल नहीं था, बल्कि मौके पर अधिकारियों के साथ कथित दबाव और दुर्व्यवहार भी हुआ था। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जरनैल सिंह ने आरोपों को खारिज किया
AAP विधायक जरनैल सिंह ने प्रवेश वर्मा के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जाने और उसकी स्थिति सामने आने के बाद विवाद बढ़ा। उनका दावा है कि साहिब सिंह सड़क की स्थिति रिकॉर्ड कर रहा था और इसी दौरान उसे थप्पड़ मारा गया। AAP ने प्रवेश वर्मा के खिलाफ FIR और गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सौरभ भारद्वाज, कुलदीप कुमार समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबर भी सामने आई।
केजरीवाल भी पहुंचे विवादित सड़क पर
मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया। AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रवेश वर्मा पर कार्रवाई की मांग की और विवादित सड़क का निरीक्षण करने की बात कही। AAP नेताओं ने सड़क निर्माण में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। दूसरी ओर भाजपा की ओर से जरनैल सिंह और उनके समर्थकों पर माहौल बिगाड़ने तथा सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप लगाए गए।
साहिब सिंह के खिलाफ पुराना मामला भी सामने आया
विवाद के बीच साहिब सिंह की पुरानी पुलिस केस की जानकारी भी सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक, 2 जून 2026 को तिलक नगर थाने में MCD कर्मचारी के साथ कथित मारपीट के मामले में साहिब सिंह और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी। उस मामले में पुलिस ने CCTV फुटेज और मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई की थी। यह पुराना मामला मौजूदा थप्पड़ विवाद से अलग है। भाजपा ने इस पुराने मामले को सामने रखते हुए साहिब सिंह की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इस पुराने मुकदमे का होना अपने आप में मौजूदा थप्पड़ विवाद के आरोपों की पुष्टि नहीं करता।
अब जांच के सामने कई सवाल
ताजा पुलिस कार्रवाई के बाद मामले में दो अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाएं सामने आ गई हैं। प्रवेश वर्मा के खिलाफ दर्ज NCR में साहिब सिंह की शिकायत और थप्पड़ की घटना की जांच होगी, जबकि जरनैल सिंह के खिलाफ दर्ज FIR PWD कर्मचारियों की शिकायत पर आधारित है। पुलिस के सामने अब वायरल वीडियो के अलावा मौके पर मौजूद लोगों के बयान, CCTV फुटेज और दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच का सवाल है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रवेश वर्मा के खिलाफ अभी FIR दर्ज होने की बात नहीं है; पुलिस ने NCR दर्ज की है। दूसरी ओर जरनैल सिंह के खिलाफ FIR दर्ज होने की पुष्टि पुलिस कार्रवाई की ताजा रिपोर्टों में हुई है। इसलिए दोनों कार्रवाइयों को एक समान कानूनी कार्रवाई के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।
फिलहाल सड़क की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोप, मंत्री द्वारा युवक को थप्पड़ मारने की घटना और दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए अन्य आरोप—तीनों पहलुओं की जांच होना बाकी है। पुलिस जांच के निष्कर्ष से ही यह स्पष्ट होगा कि घटनास्थल पर विवाद की पूरी परिस्थितियां क्या थीं और आगे किन आरोपों पर कानूनी कार्रवाई बढ़ती है।
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