वहीं पीडीपी नेता और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी शनिवार 24 अगस्त को अपनी पार्टी का घोषणा-पत्र (Election Manifesto) जारी कर जनता को लुभाने की कोशिश की। घोषणा-पत्र में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर किसी अन्य राज्य की तरह नहीं है। यह अनिश्चितता का केंद्र रहा है।
पीडीपी ने विधानसभा चुनाव को बताया मानवीय मुद्दा
अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद यह मुद्दा और जटिल हो गया है। उत्तर कश्मीर के लोगों ने चुनाव में दिखाया कि वे आतंकवाद के आरोप में जेल में बंद किसी व्यक्ति को चुनकर कश्मीर मुद्दे को भूलने के लिए तैयार नहीं हैं। जम्मू-कश्मीर सिर्फ अनुच्छेद- 370, पूर्ण राज्य का दर्जा, चुनाव और सीट बंटवारे का मुद्दा नहीं है। यह मानवीय मुद्दा है।
200 यूनिट फ्री बिजली और गरीबों को 12 गैस सिलेंडर देने का वादा
पीडीपी के चुनावी घोषणा-पत्र (Election Manifesto) में सुलह, संवाद, नियंत्रण रेखा पार व्यापार की बात की गई है। ये भी कहा गया है कि बर्खास्त कर्मचारियों के मामलों की समीक्षा की जाए। इसमें 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने और गरीबों को साल में 12 सिलेंडर देने की बात कही गई है।
युवाओं को रोजगार मिलेगा और महिलाओं को स्टांप ड्यूटी नहीं लगेगी
यह भी कहा गया है कि महिलाओं के लिए स्टांप ड्यूटी नहीं लगेगी। स्थानीय लोगों को पहला अधिकार होगा। बाहर से आने वाले सेब पर 100 प्रतिशत आयात शुल्क लगेगा। युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। एक वर्ष के भीतर विभागों में उपलब्ध नौकरियों की पहचान की जाएगी। पनबिजली परियोजनाओं को जम्मू-कश्मीर में स्थानांतरित कराया जाएगा, यदि वे स्थानांतरित नहीं किए जा सकते हैं, तो जम्मू-कश्मीर सरकार को मुआवजा दें। इसमें मस्जिदों और मंदिरों को मुफ्त बिजली देने की बात भी कही गई है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले महबूबा मुफ्ती ने भाजपा के साथ मिलकर गठबंधन की सरकार बनाई थी और इस बार फिलहाल वैसी कोई संभावना नहीं दिख रही है।
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