सरकार के ऐलान के बीच लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा के आह्वान पर झारखंड बंद रहा। रांची समेत कई जगह सड़कें जाम की गईं और टायर जलाकर प्रदर्शन हुआ। छात्र अब भी पूरे मामले की CBI जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बंद के बीच सियासी दबाव
मामले में CID ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार किया है। इससे पहले कई अधिकारियों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों समेत कम-से-कम 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे से भी विवाद गहरा गया है।
पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी
जांच में गिरफ्तार TDPL के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के कथित बयान ने घोटाले की नई परत खोली है। उसके मुताबिक TDPL को परीक्षा का काम दिलाने के लिए तत्कालीन JPSC अध्यक्ष को दो करोड़ रुपये देने की डील हुई थी। पूछताछ में परीक्षा पास कराने के लिए अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेने की बात भी सामने आने का दावा किया गया है। इन आरोपों की जांच जारी है।
₹2 करोड़ की कथित डील
10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव के बाद लाठीचार्ज हुआ था। पुलिस ने बैरिकेड तोड़ने और पथराव का हवाला दिया, जबकि छात्रों ने इसे शांतिपूर्ण आंदोलन पर दमन बताया। इसके अगले ही दिन बंद और विधानसभा में हंगामे के बीच सरकार के परीक्षा रद्द करने के ऐलान ने पूरे मामले को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है।
लाठीचार्ज से विधानसभा तक टकराव
सरकार के फैसले के बावजूद आंदोलन थमता नहीं दिख रहा है। छात्र परीक्षा रद्द करने के साथ कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग पर कायम हैं।
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