दूध बेचने वाले युवक को मिला 45 करोड़ नोटिस का GST Notice
मुजफ्फरनगर के रतनपुरी गांव में दूध बेचने वाले अशोक कुमार के बेटे अश्वनी भी दूध बेचता है.अश्वनी ने बताया कि मार्च 2024 में उसे मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी के लिए कॉल आई थी. बातचीत के बाद काल करने वाले को अपने शैक्षिक प्रमाण-पत्र, आधार और पैन कार्ड के अलावा 1700 रुपये भेजे थे. इसके बाद अश्वनी के नाम पर एके ट्रेडर्स नाम की कार्बन पेपर विक्रय करने की कंपनी खोल दी गई. कंपनी ने मार्च से जुलाई महीने तक 250 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार दिखाया. केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर (CGST ) ने कंपनी की जांच की तो लगभग 45 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ में आई. कंपनी के मालिक के नाम नोटिस जारी होने के बाद इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है.
GST से नोटिस मिलने पर उड़े होश
कंपनी ने खरीदारी नहीं की, केवल दिल्ली समेत आसपास के क्षेत्रों में माल विक्रय के बाद बिल जारी किए हैं. केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर के स्थानीय अधिकारी ने बताया कि इसी कई करोड़ अधिक की जीएसटी चोरी की गई है. इसको लेकर छानबीन की गई तो पूरा खेल सामने आ गया. अश्वनी के नाम से जीएसटी के उपायुक्त ने 16 अगस्त को नोटिस जारी किया. नोटिस मिलने के बाद अश्वनी के परिवार में हड़कंप मच गया. वर्तमान में कंपनी के सभी अधिकार निरस्त करने के साथ बिलों को भी रिजेक्ट कराया गया है.
मोबाइल नंबर और पते ने उलझाया
केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर के अधिकारी के मुताबिक कंपनी में नाम, पता और फोटो अश्वनी का लगा हुआ था, जबकि मोबाइल नंबर अज्ञात लोगों का है. इसके चलते बिल बनाने से लेकर कारोबार का वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) बिल बनाने वाले व्यक्ति के पास पहुंचता है, जिससे युवक को भनक नहीं लग पाई. केंद्रीय पोर्टल पर राष्ट्रीय स्तर पर हुई पड़ताल में यह अवैध कंपनी पकड़ी गई है.
पुलिस और साइबर टीम कर रही जांच
पुलिस के मुताबिक GST Notice का मामला GST विभाग से जुड़ा है, उसके बाद बावजूद इसकी गहनता से जांच कराई जा रही है. वहीं, साइबर टीम ने युवक को साथ लेकर मामले की जांच शुरू की है.
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