नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन स्थित वैगनर हॉकी स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के बीच हॉकी विश्व कप का ये मुकाबला शुरुआत से ही रोमांचक रहा। भारत ने आक्रामक शुरुआत करते हुए पहले क्वार्टर में ही 2-0 की बढ़त बना ली। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने चौथे मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत का खाता खोला। इसके बाद अभिषेक ने 10वें मिनट में फील्ड गोल कर बढ़त दोगुनी कर दी।
दूसरे क्वार्टर में भारत ने पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। हरमनप्रीत ने 20वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर अपना दूसरा गोल कर भारत को 3-0 से आगे कर दिया। हालांकि पाकिस्तान ने हन्नान शाहिद के गोल से वापसी की कोशिश की, लेकिन अभिषेक ने 23वें मिनट में अपना दूसरा गोल कर भारत की बढ़त 4-1 कर दी।
पाकिस्तान ने एक बार फिर पलटवार किया। सुफयान खान ने 24वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अंतर 4-2 कर दिया। हाफ टाइम तक भारत दो गोल की बढ़त बनाए हुए था।
तीसरे क्वार्टर में हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल कर भारत को 5-2 से आगे कर दिया। आखिरी क्वार्टर में पाकिस्तान ने लगातार हमले किए और हन्नान शाहिद ने 46वें मिनट में अपना दूसरा गोल कर स्कोर 5-3 कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने बराबरी के लिए पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने दबाव का शानदार ढंग से सामना किया।
भारत ने 5-3 से मुकाबला जीतकर विश्व कप के अगले दौर में जगह बना ली। पाकिस्तान की टीम इस हार के साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
हरमनप्रीत-अभिषेक का शानदार प्रदर्शन
भारत की जीत में कप्तान हरमनप्रीत सिंह और अभिषेक की भूमिका अहम रही। दोनों ने दो-दो गोल किए, जबकि हार्दिक सिंह ने एक गोल किया। पाकिस्तान की ओर से हन्नान शाहिद ने दो और सुफयान खान ने एक गोल किया।
यह जीत भारत के लिए केवल प्रतिष्ठा की लड़ाई नहीं थी। पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला विश्व कप के अगले दौर में पहुंचने के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण था। भारत ने दबाव वाले मुकाबले में बेहतर नियंत्रण और मौके भुनाने की क्षमता का प्रदर्शन किया।
गॉल में सुथार का स्पिन जादू
उधर, श्रीलंका के गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में भारत ने मेजबान टीम को 165 रन से हराकर दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। भारत ने श्रीलंका के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा था, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने श्रीलंकाई बल्लेबाजी 206 रन पर सिमट गई। भारत की जीत के नायक रहे युवा बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार। उन्होंने दूसरी पारी में छह विकेट लिए और मैच में कुल 10 विकेट हासिल किए। सुथार के स्पिन के सामने श्रीलंकाई बल्लेबाज लगातार दबाव में रहे।
बल्लेबाजी में देवदत्त पडिक्कल ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहली पारी में 167 रन की बड़ी पारी खेली और दूसरी पारी में भी 44 रन बनाए। उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। श्रीलंका की ओर से सोनल दिनुषा और कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने संघर्ष की कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को लक्ष्य तक पहुंचने का कोई मौका नहीं दिया। बारिश की आशंका के बीच भारत ने पांचवें दिन ही मुकाबला अपने नाम कर लिया।
एक दिन, दो बड़ी जीत
हॉकी में पाकिस्तान को विश्व कप से बाहर करने और क्रिकेट में श्रीलंका को उसके घर में हराने की भारतीय टीमों की उपलब्धि ने बुधवार को देश के खेल प्रेमियों को जश्न का दोहरा मौका दिया। एक तरफ हॉकी टीम ने दबाव भरे मुकाबले में पाकिस्तान की चुनौती खत्म की तो दूसरी ओर क्रिकेट टीम ने गॉल में पांचवें दिन शानदार जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त बना ली। हॉकी और क्रिकेट में एक ही दिन मिली इन दो जीतों ने भारतीय खेलों के लिए बुधवार को यादगार बना दिया।
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